नरौरा बैराज से चंदौसी-अलीगढ़ हाईवे पर मांस कारोबारियों के आवागमन के चलते सोमवार की मध्यरात्रि को वज्र वाहन के साथ गश्त कर रहे दरोगा (एचसीपी) ने एक कैंटर (बड़ा ट्रक) को रुकने का इशारा किया तो बेखौफ चालक ने स्पीड बढ़ाते हुए कैंटर को दरोगा के ऊपर चढ़ा दिया। उसे कुचलकर भागने लगा।
वज्रवाहन में बैठे कांस्टेबल व होमगार्ड ने पीछा किया तो चालक कैंटर को गुन्नौर में छोड़कर भाग गया। क्लीनर को पकड़ लिया गया है। पशु तस्करी को रोकने के लिए गुन्नौर कोतवाली में तैनात एचसीपी लाजपत सिंह (55) पुत्र सोहन पाल सिंह निवासी रेहड़ बेहलावाला थाना रेहड़ जिला बिजनौर वज्रवाहन लेकर रात्रि में चेकिंग कर रहे थे।
रात्रि करीब 12.45 बजे गश्ती दल चंदौसी-अलीगढ़ हाईवे पर नरौरा बैराज बैरियर चौकी पर था, तभी आगरा की ओर से खाली कैंटर आ रहा था। गोवंशीय पशु होने के शक में दरोगा लाजपत सिंह ने कैंटर को रुकने का इशारा किया। कांस्टेबल व होमगार्ड पीछे ट्रक के डाले पर चढ़ने की कोशिश करने लगे, लेकिन इसी बीच चालक ने अचानक स्पीड तेज कर दी।
सामने खड़े दरोगा लाजपत सिंह को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गए। बैरियर तोड़ते हुए चालक कैंटर लेकर भाग गया। कांस्टेबल व होमगार्ड ने शीघ्रता से घायल दरोगा को अपने वाहन पर लिटाकर ट्रक का पीछा किया। गुन्नौर में चालक कैंटर को छोड़कर भाग गया लेकिन क्लीनर को पुलिस ने पकड़ लिया।
दरोगा का राजकीय चिकित्सालय ले गए लेकिन उन्हें डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर कोतवाली प्रभारी राजवीर सिंह यादव व परिजन पहुंच गए। लेकिन मंगलवार सुबह को शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया लेकिन किसी उच्चाधिकारी ने मौके पर जाने की जहमत नहीं उठाई।