संभल। शहर के प्राचीन देवतीर्थ व कूपों को संवारने के लिए नगर पालिका ने कार्ययोजना तैयार कर ली है। पालिका वंदन योजना के तहत तीर्थ और कूपों को संवारने के लिए करीब छह करोड़ रुपये खर्च करेगी। बजट मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
बृहस्पतिवार को ईओ डॉ. मणिभूषण तिवारी ने बताया कि शहर में अलग-अलग स्थानों पर तीन देवतीर्थ और आठ कूप हैं। जिनको संवारने के लिए कार्ययोजना तैयार की है। बताया कि पुराणों में उल्लेख मिलता है कि संभल तहसील क्षेत्र में 68 तीर्थ और 19 कूप हैं जो प्राचीन हैं और इसके चलते ही संभल को शंभू की नगरी भी कहा जाता है। मालूम हो डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने सभी तीर्थ और कूप को संवारने के लिए अभियान शुरू कराया है। इसमें 56 तीर्थ चिन्हित कर लिए गए हैं। बाकी के तीर्थ भी चिन्हित किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा 19 कूप भी संवारे जाने हैं। सरायतरीन जामा मस्जिद के सामने स्थित कूप सबसे प्राचीन और आकार में सबसे बड़ा कूप है। वहां खोदाई का कार्य कराया गया है। उसको भी पुराने स्वरूप में लाया जाना है।