सरायतरीन। बहजोई थाना क्षेत्र के गांव परतापुर में मुख्य मार्गों पर जलभराव और कीचड़ ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। सोमवार को तो हालात इतने खराब रहे कि शवयात्रा को कीचड़ और गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार गांव के कई रास्तों पर घुटनों तक कीचड़ और जलभराव है। नालियां चोक हैं। मच्छरों का प्रकोप बना हुआ है।
सोमवार को अचानक तबीयत बिगड़ने से कांति देवी (42) और ऊषा देवी (38) की उपचार के दौरान मौत हो गई। शाम को अंतिम संस्कार के लिए जब अर्थी ले जाई गई तो श्मशान घाट तक जाने वाले रास्ते पर भी कीचड़ और पानी भरा था। शवयात्रा में शामिल लोगों के कपड़े तक खराब हो गए। रिश्तेदार भी गांव की बदहाल व्यवस्था देखकर हैरान रह गए। इससे पहले शुक्रवार को गांव के ही पवन और बाबूराम की बुखार के बाद इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। लगातार हो रही मौतों से गांव में दहशत का माहौल है।
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भाकियू ने किया प्रदर्शन
सोमवार को भाकियू अराजनीतिक के युवा जिलाध्यक्ष किशनपाल सिंह राणा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर समस्या के समाधान की मांग की। उन्होंने बताया कि ज्यादातर लोग अचानक बीमार हो रहे हैं। गांव में स्वास्थ्य विभाग ने कोई शिविर नहीं लगाया है। पंचायत विभाग द्वारा फॉगिंग और साफ-सफाई की व्यवस्था पूरी तरह फेल है। ग्राम प्रधान और सचिव से शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। प्रदर्शन के दौरान गोपाली, जुगेंद्र सिंह राणा, जसराम सिंह, चोखेराम, मूलचंद सिंह राणा, हरीश कुमार, रघुवीर सिंह राणा, इंदल सिंह राणा, धर्मवीर सिंह राणा, वीरपाल सिंह, महेश कुमार, महेंद्र सिंह, चेतराम राणा, हरवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
गांव में कीचड़ और जलभराव की जानकारी नहीं है। मंगलवार को ग्राम पंचायत सचिव को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी। अगर समस्या है तो समाधान कराया जाएगा।
ओमवीर सिंह, बीडीओ, बहजोई