संभल के असमोली थाना क्षेत्र के गांव मढ़न में बृहस्पतिवार की दोपहर एक महिला अपनी डेढ़ वर्षीय बेटी को गन्ने के खेत में छोड़ गई और बाइक सवार बदमाशों द्वारा अपहरण करने का शोर मचा दिया। घटना की सूचना पर थाना प्रभारी संजय सिंह फोर्स के साथ पहुंच गए। छानबीन की तो मासूम बच्ची गन्ने के खेत में रोती हुई मिली।
गनीमत रही किसी जंगली जानवर ने मासूम बच्ची पर हमला नहीं किया। पुलिस ने महिला से सख्ती से पूछताछ की तो महिला ने खुद ही गन्ने के खेत में बच्ची छोड़ने की बात स्वीकार की है। पुलिस महिला और उसकी सास के खिलाफ कार्रवाई करेगी। महिला ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसकी शादी छह वर्ष पहले हुई है। बड़ी बेटी पांच वर्ष की है और दूसरी बेटी डेढ़ वर्ष की है। दो बेटियों के जन्म होने पर सास वंश आगे नहीं बढ़ने के ताने देती हैं।
इन तानों से परेशान होकर यह साजिश रची। बताया कि वह बृहस्पतिवार की दोपहर दो बजे करीब अपने पति को खेत पर खाना देने के लिए गई थी। लौटते समय बच्ची को एक गन्ने के खेत में छोड़ दिया और ग्रामीणों को बताया कि बाइक सवार दो बदमाश बच्ची को छीनकर ले गए।
थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि महिला ने जहां घटनास्थल बताया था वहां जाकर जब तलाश की तो एक गन्ने के खेत से बच्ची के रोने की आवाज आई। इसके बाद महिला पर शक गहरा गया। पूछताछ करने पर महिला ने सास के तानों से तंग आकर बच्ची खेत में छोड़कर जाने की बात कही है। बताया कि महिला और उसकी सास के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बच्ची का चिकित्सकीय परीक्षण कराया है वह पूरी तरह स्वस्थ्य है।