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Sambhal News: अवैध पट्टों के और मामले सामने आए...एक हफ्ते में पूरी हो जाएगी जांच

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संभल। गुन्नौर तहसील क्षेत्र में गंगा किनारे की जमीनों पर अवैध पट्टों की जांच चल रही है। एडीएम सत्यप्रिय सिंह के नेतृत्व में चल रही पड़ताल के दौरान अवैध पट्टों के कई और मामले सामने आए हैं लेकिन प्रशासन ने इन मामलों को जांच पूरा होने तक सार्वजनिक नहीं किया है। जांच का मुख्य उद्देश्य गंगा की जमीन पर हुए अवैध पट्टों का पता लगाना है। यह जांच अगले एक सप्ताह में पूरी हो जाएगी। जांच पूरी होने के तुरंत बाद प्रशासन द्वारा कड़ी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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गुन्नौर तहसील की ग्राम पंचायत असदपुर में गैरआबाद गांव सुखैला में 2019 में राजस्व और चकबंदी के अधिकारियों ने बिचौलियों के साथ मिलकर बड़ा फर्जीवाड़ा किया था। 845 बीघा जमीन पर 162 अवैध पट्टे गंगा की जमीन पर कर दिए थे, जिनको निरस्त कर दिया गया है। इसके बाद 31 बीघा जमीन के पट्टे गांव सूरपुर में किए गए थे। इनको भी निरस्त कर दिया गया है।
इन पट्टों के सामने आने के बाद ही डीएम ने गंगा किनारे के 50 से ज्यादा गैरआबाद और 30 से ज्यादा आबाद गांवों में जांच शुरू कराई है। राजस्व विभाग की टीम लगातार जांच कर रही है। इसमें वर्षों पुराने पट्टे भी सामने आए हैं। जिनकी प्रक्रिया वैध तरीके से पूरी की गई है लेकिन ये पट्टे गंगा की जमीन पर हैं, जो नियमता हो ही नहीं सकते। इनका ही खुलासा जांच पूरी होने के बाद किया जाएगा।
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अवैध पट्टों के लिए किया गया है खेल
सूत्रों के अनुसार जांच में सामने आ रहा है कि अवैध पट्टों को वैध दिखाने के लिए कई हथकंडे अपनाए गए हैं। इसमें सरकारी दस्तावेज में हेरफेर या गलत जानकारी दर्ज करना शामिल है। कुछ मामलों में, नदी किनारे की जमीनों को गलत तरीके से कृषि भूमि या अन्य श्रेणी में दिखाया गया है। इन पट्टों से सरकारी राजस्व को नुकसान हुआ है।
नियमों के खिलाफ हुए पट्टे निरस्त होंगे
जांच पूरी होने के बाद प्रशासन इन सभी अवैध पट्टों को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। संबंधित व्यक्तियों और अधिकारियों की पहचान की जाएगी। यदि किसी अधिकारी की मिलीभगत पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि गंगा की जमीन को वापस गंगा की जमीन की श्रेणी में दर्ज कराया जाए।
असदपुर में सरकारी भूमि पट्टा विवाद गहराया, डीएम से निष्पक्ष जांच की गुहार
जुनावई। असदपुर गांव में सरकारी भूमि के पट्टा आवंटन को लेकर विवाद गहरा गया है। आरोप है कि वर्ष 2019 में नियमों की अनदेखी कर प्रभावशाली लोगों के नाम पट्टे किए गए। करीब एक सदी से इस भूमि पर 30 से 35 गरीब परिवार कच्चे मकान और झोपड़ियां बनाकर रह रहे हैं।

गांव निवासी धर्मवीर सिंह ने जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम असदपुर की गाटा संख्या 125 की सरकारी भूमि पर कई परिवार सौ वर्षों से निवास कर रहे हैं। इसके बावजूद वर्ष 2019 में तत्कालीन ग्राम प्रधान ने मिलीभगत से पट्टे आवंटित कराए। करीब 14 रिश्तेदारों और करीबी लोगों के नाम लगभग 59 बीघा भूमि के पट्टे किए गए।
शिकायत में तत्कालीन एसडीएम और संबंधित लेखपाल की भूमिका की जांच की मांग की गई है। उन्होंने पूरे आवंटन को अवैध बताते हुए तत्काल निरस्त करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पट्टे निरस्त नहीं हुए तो दर्जनों परिवार बेघर हो जाएंगे।

जांच और कार्रवाई की मांग
शिकायत के बाद राजस्व विभाग में हलचल तेज हो गई है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, वर्षों से बसे गरीब परिवारों के अधिकार सुरक्षित रखने की भी गुहार लगाई है।
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इस मामले में जानकारी नहीं मिली है। शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कराएंगे और सख्त कार्रवाई की जाएगी। अवैध पट्टों के प्रकरण में जांच लगातार जारी है।

अवधेश कुमार, एसडीएम, गुन्नौर।
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