मुरादाबाद। हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों की जान चली गई। हादसे में इकरार का परिवार उजड़ गया। उसकी पत्नी हनीफा, उसकी मां हुकुमत, भाभी आसिफा, भतीजा बिलाल की मौत हो गई।
जिला अस्पताल में मौजूद अनवर ने बताया कि हादसे में बिलाल के घायल पिता इस्तेकार कॉसमॉस हॉस्पिटल में भर्ती हैं। गांव के लोग भी इस्तेकार को ढांढस बधाने के लिए आए थे लेकिन निजी अस्पताल के नियमों के अनुसार आईसीयू में सभी को मिलने की इजाजत नहीं थी।
हादसे के बाद इकरार के रिश्तेदारों और गांव के लोगों से कॉसमॉस हॉस्पिटल भरा गया। अपनों को खोने के कारण सबकी आंखें नम थी। बात-बात में लोगों की आंखों से आंसू बह रहे थे। गांव के नाते एक व्यक्ति घायलों से मिलने के लिए आया था। बताया कि मरनेवालों से दीदार नहीं हो सका। अब घायलों को ठीक कराने का मकसद हैं। अस्पताल में गांव के लोगों का प्यार और लगाव देखने के लिए मिल रहा था। मौत का गम क्या होता है, वह शाहिद हुसैन अन्य लोगों की आंखों में साफ दिखाई दे रहा था। वह आईसीयू से लौटने वाले परिजनों से घायलों का हाल पूछ रहे थे। कितना सुधार हुआ है अब्बास और तराना में। इमरान के पत्नी की हालत कैसी है। एक गांव के दस लोगों की मौत से उठे दर्द का बयां करना किसी के लिए भी मुश्किल हो रहा था। गांव से आए बुजुर्ग यही सोच कर परेशान हो रहे थे। वे डीसीएम वाले को कोस कर अपनी पीड़़ा कम कर रहे थे।
गांव के लोग आर्थिक मदद करने आए थे :
निजी अस्पताल में किसान अब्बास (55) के अलावा उनकी पत्नी शाइस्ता(50), इस्तेखार, इमरान (27) उसकी भाभी तराना पत्नी सुलेमान सहित छह लोग भर्ती हैं। गांव के लोग अस्पताल में आर्थिक मदद करने के लिए आए थे। वे अपने पाकेट को 1000-2000 रुपये निकाल कर दे रहे थे। क्योंकि घायलों के पास इलाज कराने के लिए भी पर्याप्त पैसे नहीं थे।