शहीदाने कर्बला की याद में अलम मुबारक का जुलूस रविवार को निकाला गया। शहर में जगह-जगह सबील लगाई गईं। अलम का जुलूस शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के कडे इंतजाम किए। जुलूस के दौरान या हुसैन या हुसैन की सदाओं से फिजा गूंज उठी।
मोहर्रम की सातवीं तारीख को नगर में अलम ए मुबारक के जुलूस निकाले गए। रविवार को दोपहर के बाद अलम ए मुबारक के जुलूस का सिलसिला शुरू होकर देर सायं समाप्त हुआ। नगर के मियां सराय स्थित मस्जिद बंदगी शाह मियां के निकट से मुबारक के जुलूस शुरू होकर नगर के विभिन्न मोहल्ले के जुलूस कोट गर्बी में जाकर शामिल हुए। इसके बाद जुलूस चमन सराय मीरनशाह, सब्जी मण्डी, चक्की का पाट व महमूद खां सराय से होता हुआ मोहल्ला नखासा, दीपासराय पहुंचकर संपन्न हुए।
इस दौरान जुलूस में शामिल लोग या हुसैन या हुसैन की सदाऐं बुलंद करते रहे। मोहल्लों में सबीले लगाई गई। जुलूस को शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस व पीएसी के जवान तैनात थे। शहर कोतवाली में बैठे पुलिस प्रशासनिक अधिकारी पल-पल की जानकारी अपने अधीनस्थों से लेते रहे।