सिरसी में आठवीं मोहर्रम पर सोमवार को अजादारी का सिलसिला जारी रहा। अजाखानों और इमामबारगाहों में मजलिसे हुईं। कर्बला के शहीदों के फजाइल बयान किए गए। इमामबारगाह हजरत कासिम व अजाखाना बड़ा दरवाजा से जुलजुनाह के कदीमी जुलूस निकाले गए। बच्चों ने मन्नती अलम उठाए।
अजाखाना दालान की मेहंदी का कदीमी जुलूस डाकखाना रोड, रोडवेज की ओर से होता हुआ इमामबारगाह हजरत कासिम पहुंचा। इसी इमामबारगाह से जुलजुनाह का कदीमी जुलूस निकाला गया। अंजुमने मुहाफिजे अजा, अंजुमने हुसैनी, रौनके अजा, बहारे अजा और अंजुमने शमीमे इमाम ने मातम व नौहाख्वानी की। जुलूस मरकजी इमामबारगाह पहुंच कर संपन्न हुआ।
आठवीं मोहर्रम की तारीख लश्करे हुसैनी के अलमदार हजरत अब्बास से मंसूब है। उनकी याद में सुबह से शाम तक नजरो नियाज का सिलसिला जारी रहा। बच्चों ने मन्नती अलम उठाए। मातम का माहौल रहा। वहीं, आठवें मोहर्रम को सिरसी के अजाखाना हजरत अब्बास में मजलिस हुई। मौलाना मैदर ने मर्सिया पढ़ा।
मौलाना हसीनुज्जमा ने मजलिस को खिताब फरमाया। अलम व जुलजुनाह का जुलूस निकाला गया। अंजुमन सज्जादिया, मुहाफिजे अजा हुसैनी, रौनके अजा, बहारे अजा, शमीमे इमान ने नौहाख्वानी की। जुलूस इमामबाडा अली अकबर पर पहुंचकर समाप्त हुआ। कमर अब्बास, अख्तर सिरसवी, हसन हैदर, अकबर अली, मोहसिन अब्बास आदि मौजूद रहे।