संभल। सदर विधायक और सपा विधानमंडल दल के उप नेता नवाब इकबाल महमूद ने संभल की हिंसा का मुद्दा विधानसभा सत्र के दौरान उठाया है। साथ में मुख्यमंत्री को प्रदर्शनकारियों से वार्ता का सुझाव दिया है। इसकी जानकारी खुद उन्होंने फोन पर दी। यह भी कहा कि संभल के कई मुद्दे उन्होंने विधानसभा में उठाए हैं।
इकबाल महमूद ने बताया कि संभल में 19 और 20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए थे। इसमें दो लोगों की जान गई। प्रदेश में कई स्थानों पर धरना प्रदर्शन है लेकिन राज्य सरकार और मुख्यमंत्री इनसे वार्ता तक को गंभीर नहीं है। उन्होंने संभल में हो रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन का हवाला दिया और यह भी कहा कि संभल को बसपा की सरकार के दौरान जिला बनाया गया था लेकिन मुख्यालय नहीं बनाया था। सपा ने पवांसा क्षेत्र में मुख्यालय की घोषणा कर दी। अब भाजपा सरकार मुख्यालय को बहजोई ले गई। जबकि संभल संवेदनशील क्षेत्र है। इसीलिए वर्षों से अपर जिलाधिकारी व अपर पुलिस अधीक्षक की तैनाती है। इसके बाद भी संभल से 30 किलोमीटर दूर मुख्यालय बना दिया गया। राज्य सरकार जिला मुख्यालय के मुद्दे में अपने निर्णय पर पुनर्विचार करे। बवाल में बेकसूर लोगों को जेल भेजने और 70 लोगों को क्षतिपूर्ति के लिए नोटिस देने का मुद्दा भी उन्होंने उठाया।