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सोत नदी के लिए श्रमदान करेंगे मंत्री

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संभल। उत्तर प्रदेश सरकार में दुग्ध विकास पशुधन और मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण ने संभल जिले की तर्ज पर बदायूं जिले सोत की खुदाई कराएंगे। इसके लिए प्रभारी मंत्री होने के नाते वह बदायूं के जिला प्रशासन से वार्ता करेंगे।
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अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने यह भी कहा कि सोत नदी की खुदाई जिस तरह से संभल जिले में हुई है तकरीबन उसी तर्ज पर उन्होंने शाहजहांपुर जिले में गोमती नदी की खुदाई कराई थी। तब वह शाहजहांपुर जिले के प्रभारी मंत्री हुआ करते थे। उन्होंने कहा कि नदियों को पुनर्जीवित करना जरूरी है। इस मंशा से उन्होंने शाहजहांपुर जिले में सरकारी धन खर्च किए बगैर गोमती नदी की खुदाई कराई है। वह अपना शाहजहांपुर का अनुभव बदायूं के जिलाधिकारी को बताएंगे। साथ ही उनसे सोत नदी को पुनर्जीवित कराने का आग्रह करेंगे।
अगर प्रशासनिक प्रयासों से जेसीबी मशीन मालिकों और ट्रैक्टर ट्राली मालिकों ने अपना सहयोग दे दिया तो सोत नदी का बाकी बचा हिस्सा खुदाई करा देना कोई कठिन कार्य नहीं है। उन्होंने सोत नदी की खुदाई में लगे संभल के जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह और उप जिलाधिकारी दीपेंद्र यादव के प्रयासों को सराहनीय माना। साथ ही कहा कि नदी पुनर्जीवित करने का मतलब यह है कि पर्यावरण का संतुलन बनाना।
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एक बार नदी जीवित हो जाती है तो किसानों को सिंचाईं के लिए पानी मिल जाता है और जमीन के जलस्तर में भी सुधार आने लगता है। इसलिए जो काम संभल में हुआ है उसे वह बदायूं में भी कराने का प्रयास कर रहे हैं क्योंकि बदायूं जिले में नहरों का कोई नेटवर्क नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सोत नदी का कुछ हिस्सा संभल जिले की चंदौसी तहसील में खुदाई से रह गया है। अमर उजाला की सोत नदी मुहिम में वह भागीदार बनेंगे।
नदी की खुदाई के लिए लोगों को प्रेरित करने और जन सहयोग जुटाने के लिए कुछ देर श्रमदान भी करेंगे। इसके लिए वह निकट भविष्य में संभल जिले का दौरा करेंगे। संभल जिले से किसान नेता करतार सिंह ने मंगलवार को दोपहर कैबिनेट मंत्री से बदायूं में मुलाकात की। उनसे सोत नदी को पुनर्जीवित कराने की मांग की। करतार सिंह के साथ क्षेत्र के कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
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