चंदौसी(संभल)। राज्यमंत्री गुलाब देवी ने एक सवाल का जबाव देते हुए कहा कि मुस्लिम महिला बुर्का पहनें या ना पहनें यह उनके मजहब का मामला है। अगर वह अपने व्यक्तित्व का विकास बिना बुर्के के कर सकती हैं, तो बुर्का कोई जरूरी नहीं है।
राज्यमंत्री गुलाब देवी ने कहा कि सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास के साथ काम कर रही हैं। हम सभी का विश्वास जीतना चाहते हैं। विश्वास के बिना सबका साथ और विकास दोनों अधूरे हैं। सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के लिए बहुत से कार्य कर रही है, उनमें तीन तलाक महत्वपूर्ण है। मुस्लिम महिलाओं का शारीरिक और मानसिक शोषण होता था। उनके आत्मबल और विश्वास को गिराया जाता था। तीन तलाक कानून से राहत मिली है।
महिला बुर्का पहने या पहने यह उनके मजहब का मामला है। इस्लाम का मामला है। लोकतंत्र में सब को समान अधिकार है। अब वह बिना बुर्के के अपने व्यक्तित्व का विकास कर सकती हैं तो बुर्का पहनना जरूरी नहीं है। अगर बुर्का पहनना चाहती हैं, तो उसकी इच्छा है। अजान के सवाल के जवाब में कहा कि अजान अथवा अन्य धार्मिक कार्य करने से किसी आपत्ति होती है, तो उसे वह कार्य नहीं करना चाहिए। पुलिस भी इनसे सख्ती से निपटेंगी।