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मीट फैक्ट्रियों में लगा ताला, करोड़ों की चपत

Mon, 27 Mar 2017 01:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
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औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था। - फोटो : Demo Pic
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खामियों संग चल रहे बूचड़खानों पर योगी प्रशासन की तिरछी नजर ने तमाम लोगों को संकट में भी डाल दिया है। संभल के गांव चिमयावली स्थित तीनों फैक्ट्रियों से प्रतिदिन तकरीबन तीन करोड़ रुपये से अधिक का मीट निर्यात किया जाता था, जबकि इन फैक्ट्रियों के चलते तकरीबन 1000 लोगों को रोजगार मिला हुआ था। अब मीट फैक्ट्रियों में ताला लग गया है तो निर्यात तो प्रभावित होना तय माना जा रहा है। साथ ही रोजगार का भी संकट पैदा हो गया है। 
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गौरतलब है कि, एडीएम ने शनिवार को संभल के गांव चिमयावली स्थित तीन बड़ी मीट फैक्ट्रियों को सील कर दिया था। फैक्ट्री सील होने से सवाल उठ रहा है कि शहर से निर्यात कैसे होगा। संभल का मीट विदेशों में जाकर 240 रुपये किलो ग्राम रेट पर बिकता था। इंडिया फ्रोजन फूड्स फैक्ट्री के स्वामी हाजी इरफान ने बताया कि संभल से प्रतिदिन तीनों फैक्ट्रियों से तकरीबन 3 करोड़ से अधिक रुपये के मीट का निर्यात होता था। इससे फैक्ट्री में काम करने वाले 1000 हजार से अधिक लोगों के परिवार का पालन पोषण होता था। 

हमारी फैक्ट्री शुरू हो जाएगी
जल्द ही हमारी मीट फैक्ट्री शुरू हो जाएगी। क्योंकि प्रशासन ने जबरन ही इन्हें बंद कराया है। फैक्ट्री बंद होने से लगभग तीन करोड़ रुपये के मीट के निर्यात पर रोक लग गई। इससे तीनों फैक्ट्रियों में काम करने वाले 1000 से अधिक लोगों के सामने परिवार का पालन पोषण करने में दिक्कत आ रही है। - मेंबर शकील अहमद अल फलाह फ्रोजन फूड्स। 
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किसान को भी होगा नुकसान
जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है तब से प्रदेश भर की मीट फैक्ट्रीस्वामियों को 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। प्रदेश भर में 48 मीट फैक्ट्री वैध हैं। यह काफी दिनों से चल रही हैं। अब इनमें कमी निकालकर बंद किया जा रहा है। अभी तक प्रदेश में पांच बड़ी मीट फैक्ट्री बंद हो चुकी हैं।

मीट फैक्ट्री बंद होने से 1से5 लाख लोग बेरोजगार हो जाएंगे। फैक्ट्री बंद होने से किसानों को भी नुकसान होगा। क्योंकि किसान अगर भैंस दूध नहीं देती है तो उसे बेच देते हैं। किसान को उस भैंस को 20 से 25 हजार रुपये मिल जाते हैं अगर यह फैक्ट्री बंद हो गई तो फिर किसान को बिना दूध वाली भैंस भी पालनी पड़ेगी। डा. पिसिंग, मीट निर्यातक और अहलाना फर्म के मैनेजर। 
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