संभल के आर्य समाज रोड पर अयोध्या पर फैसला आने के बाद मुस्तैदी से तैनात आरएएफ के जवान।
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संभल। अयोध्या मुद्दे पर फैसला आने से पहले संभल में सतर्कता बढ़ा दी गई। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों शुक्रवार को रात ही संभल में पैदल मार्च किया। शनिवार की सुबह संभल नगर में मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील इलाकों में चप्पे-चप्पे पर पुलिस नजर आई। आरएएफ के जवान टोलियों में गश्त कर रहे थे। मजिस्ट्रेट और पुलिस अफसर भ्रमण पर रहे। सार्वजनिक स्थलों और चौराहों पर पुलिस के साथ दमकल को तैनात किया गया। संवेदनशील स्थलों पर दंगा नियंत्रण इकाई के जवान मुस्तैद हुए। बज्र वाहन अपनी पोजीशन लिए थेे। खुफिया तंत्र भी निगरानी करने में सक्रिय रहा।
अयोध्या मुद्दे पर संभल जिले में पिछले पंद्रह दिनों से प्रशासन का होमवर्क चल रहा था। प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने हर वर्ग के चुनिंदा लोगों के साथ सीधा संवाद किया। संभल में शुक्रवार को अपर पुलिस महानिदेशक अविनाश चंद्र संभल आए। नगर पालिका परिसर में संभल, हयातनगर, असमोली, नखासा क्षेत्र के लोगों के साथ बैठक की। तब लोगों ने शांति व्यवस्था बनाए रखने का भरोसा दिया।
इसके साथ ही अधिकारियों के साथ संवाद करके सुरक्षा के एहतियाती उपायों का जायजा लिया। संभल में इसके साथ ही पुलिस बल को संवेदनशील स्थलों पर तैनात किया गया। सबसे अधिक निगरानी बल्ला की पुलिया और छंगामल कोठी पर रही। चंदौसी चौराहे पर दमकल के साथ भारी पुलिस बल था। आने जाने वाले वाहनों पर पुलिस की नजर थी। वहीं चौधरी सराय में जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह और पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद काफी समय तक डेरा डाले रहे।
जिले के थाना प्रभारियों और उप जिलाधिकारियों से पल-पल की खबर ली गई। उप जिलाधिकारी दीपेंद्र यादव ने मोहल्ला ठेर से लेकर बल्ला की पुलिया व कई इलाकों का दौरा किया। वहीं अपर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार जायसवाल संभल के सर्राफा बाजार में पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों से संवाद किया। उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया। इसके बाद उन व्यापारियों ने भी अपनी दुकानें खोल लीं जो आशंकाओं की वजह से दुकानें बंद किए हुए थे।