संभल। जियाउर्रहमान बर्क के सांसद बनने पर कुंदरकी विधानसभा सीट रिक्त हो गई है। इस सीट पर उपचुनाव होना है। इस उपचुनाव की तैयारी में कई दावेदार हैं। जाहिर है कि अब टिकट के लिए खूबर खींचतान होगी। इस उपचुनाव में शामिल होने के लिए संभल के भी कई दावेदार अब अपने लिए प्रयास करने में जुट गए हैं। जिसकी जहां पहुंच है वह वहां तक पहुंच रहा है। जियाउर्रहमान बर्क का कहना है कि जिसको पार्टी टिकट देगी उसको चुनाव लड़ाया जाएगा।
वर्ष 2022 में जियाउर्रहमान बर्क कुंदरकी विधानसभा सीट से चुनाव जीते थे। लोकसभा चुनाव के लिए सपा ने डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क को टिकट दिया था लेकिन बीमारी के चलते डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क का निधन हो गया था। इसके बाद जियाउर्रहमान बर्क को सपा ने संभल लोकसभा क्षेत्र का प्रत्याशी बनाया और वह जीत भी गए। अब कुंदरकी विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है। इस उपचुनाव में टिकट पाने के लिए कुंदरकी और संभल के कई दावेदार हैं। प्रमुख दावेदारों में कुंदरकी के पूर्व विधायक हाजी रिजवान, सपा में कुछ समय पहले ही शामिल हुए अकीलुर्रहमान खां, संभल के पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज खां व अन्य कई दावेदार शामिल हैं।
रिजवान का टिकट काटकर जियाउर्रहमान बर्क को दिया था अखिलेश ने टिकट
जियाउर्रहमान के लिए डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क संभल विधानसभा क्षेत्र से सपा हाईकमान से टिकट मांग रहे थे। संभल से इकबाल महमूद को टिकट दिया जाना था। इसलिए संभल के अलावा किसी अन्य विधानसभा क्षेत्र से टिकट पाने का विकल्प पूछा गया था। इसी दौरान हाजी रिजवान की कई ऑडियो वायरल हो गईं थीं और सपा हाईकमान ने हाजी रिजवान का टिकट काटकर जियाउर्रहमान बर्क को प्रत्याशी बना दिया था। हाजी रिजवान ने बसपा के टिकट पर जियाउर्रहमान बर्क के सामने चुनाव लड़ा लेकिन वह हार गए थे। जियाउर्रहमान बर्क संभल लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी घोषित होने से कुछ समय पहले ही हाजी रिजवान ने सपा में वापसी की है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि वह टिकट के लिए पूरी कोशिश करेंगे। वहीं दूसरी ओर रालोद छोड़कर सपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री अकीलुर्रहमान खां भी टिकट के लिए प्रयास करने लगे हैं।