देर रात सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए।
श्री कल्कि धाम में सुबह 8.00 बजे प्रारंभ हुए यज्ञ में आचार्य केशव देव शर्मा ने यत्र कराया। नफरत, आतंकवाद एवं कट्टरवाद की समाप्ति के लिए सेवादारों एवं संत महात्माओं के साथ कल्कि भक्तों से विशेष आहुतियां डलवाईं। बाद में श्रद्धालुओं ने उस गर्भ गृह की परिक्रमा की जिसमें मंदिर निर्माण होना है।
श्रद्धालुओं में मंदिर के प्रति भारी उत्साह था। वह श्री कल्कि का जयकारा लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। परिक्रमा में कई गांवों के लोग इकट्ठा रहे। आचार्य केशव देव शर्मा ने कहा कि ऐसे दिव्य यज्ञ का होना तभी संभव है जब यजमानों के पूर्व जन्मों के सभी कर्म के फल एक साथ उदित होते हों। इसके बाद सभी संतों एवं कल्कि भक्तों ने मंदिर के गर्भगृह स्थल की परिक्रमा की। इस अवसर पर श्रीकल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम के साथ निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर भूपेंद्र गिरी जी, स्वामी रामदेव जी समेत अन्य संत मौजूद रहे।
संभल। श्री कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने समापन समारोह से पहले कल्कि धाम में प्रेसवार्ता की जिसमें उन्होंने सीधे देश प्रधानमंत्री पर आक्षेप किया। उनका कहना था कि पीएम को अपनी ही कैबिनेट पर भी भरोसा नहीं है।
उन्होंने कहा कि 1000 व 500 के नोट बंद करते समय पीएम ने अपनी कैबिनेट को भी भरोसे में नहीं लिया था। जिस देश के प्रधानमंत्री को अपनी कैबिनेट पर भरोसा न हो वह देश कैसे तरक्की कर सकता है। अभी तो नमक की लूट शुरू हुई है अगर ऐसी ही हालात रहे हैं तो हर सामान की लूट मार होगी। देश पीएम के नोट बंद करने के फैसले ने जनता को परेशान किया है।