जनता को हो रही दिक्कतों को लेकर समय देने की मांग सरकार से की, लेकिन सरकार पहले ही उस मांग को खारिज कर चुकी है।
जब पत्रकारों ने उनका ध्यान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के उस बयान पर दिलाया जिसमें उन्होंने सपा, बसपा और कांग्रेस के साथ आम आदमी पार्टी को निशाने पर लिया है तो मुलायम सिंह यादव थोड़ा तल्ख हुए और बोले-बीजेपी वाले झूठ बोलने के अलावा करते क्या हैं?
शुक्रवार को संभल में कैबिनेट मंत्री नवाब इकबाल महमूद के बेटे शान इकबाल के दावत-ए-वलीमा में शिरकत करने पहुंचे। इस दौरान पत्रकारों से हुई संक्षिप्त बातचीत में उन्होंने कालेधन को निकालने के लिए चल रही मुहिम को पूरा समर्थन दिया, लेकिन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बयान पर ज्यादा बोलने के बजाय एक लाइन में कहा बीजेपी वाले झूठ बोलने के अलावा करते क्या हैं। सरकार को कम से कम नोटों के बदलने के फैसले के बाद 24 घंटे का समय तो देना चाहिए था। सपा की अंतर्कलह के सवाल पर बिना जवाब दिए ही हाथ जोड़कर वह चले गए।
सपा में धर्मयुद्ध चल रहा है, मैं अखिलेश के साथ : रामगोपाल
संभल (ब्यूरो)। समर शेष है, नहीं पाप का भागी केवल व्याध, जो तटस्थ हैं, समय लिखेगा उनके भी अपराध। रामधारी सिंह दिनकर की ये पंक्तियां किसी कवि सम्मेलन में नहीं कही गईं, बल्कि कैबिनेट मंत्री नवाब इकबाल महमूद के बेटे के वलीमे में पहुंचे सपा से निष्कासित प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने सपा की अंतर्कलह पर कहीं। उन्होंने कहा की सपा में अभी समर शेष है। एक धर्मयुद्ध चल रहा है और इस धर्मयुद्ध में मैं अखिलेश के साथ हूं।
रामगोपाल ने कहा कि सपा में न होने के बाद भी अपनी पूरी ताकत से अखिलेश यादव को दोबारा सीएम बनाने में सक्रिय रहूंगा। खुलकर अखिलेश यादव का साथ दूंगा क्योंकि छुपकर समर्थन और विरोध करने वाले कायर होते हैं। जहां तक चुनावी गठबंधनों का सवाल है उसके बारे में उन्होंने कहा कि मैं पार्टी में नहीं हूं, गठबंधन के बारे में पार्टी से पूछिए।
तल्खी थी बरकरार-जब गए मुलायम तब आए रामगोपाल
संभल। इसे महज संयोग कहें या संबंधों में तल्खी लेकिन हकीकत यह है कि सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव जब दावते वलीमा से चले गए तब सपा के पूर्व महासचिव रामगोपाल यादव पहुंचे। सियासी सूत्रों ने बताया कि प्रोफेसर रामगोपाल को पता लग गया था कि मुलायम सिंह यादव किस समय पहुंचेंगे? इसलिए उन्होंने अपने कार्यक्रम को इस तरह से बनाया कि जब वे पहुंचें तब तक मुलायम सिंह यादव का वहां से जा चुके हों।