चंदौसी (संभल)। गुन्नौर थाना क्षेत्र में तीन साल पहले नाबालिग से दुष्कर्म के मामले के आरोपी को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए 20 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो एक्ट/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में हुई।
थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने 17 मार्च 2022 को थाने में तहरीर देकर बताया था कि उसका परिवार बबराला में किराये के मकान में रहता है। 16 मार्च 2022 की रात करीब एक बजे मकान मालिक जितेंद्र उसके घर में घुस गया और उसकी 13 वर्षीय बेटी को उठाकर अपने कमरे में ले गया। जब उसकी पत्नी की आंख खुली तो उसकी बेटी कमरे में नहीं थी। बाहर निकल कर देखा तो जितेंद्र उसकी बेटी को चारपाई पर लिटाकर गलत नीयत से छेड़खानी कर रहा था।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर जितेंद्र के खिलाफ छेड़खानी और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। विवेचना के दौरान पीड़िता के बयान दर्ज किए गए। जिसमें पीड़िता ने अपने बयानों में बताया कि आरोपी उसे जबरन उठाकर अपने कमरे में ले गया और उसके साथ हाथापाई करते हुए दुष्कर्म किया। पुलिस ने दुष्कर्म की धारा बढ़ाते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो एक्ट/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने जितेंद्र को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।