चंदौसी। न्यायालय ने संभल कोतवाली क्षेत्र के वर्ष 2021 में हुए नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी हाशिम को 10 वर्ष का कठोर कारावास और 11500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में हुई।
विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट ने बताया कि पीड़ित पिता ने कोतवाली संभल पुलिस को एक तहरीर दी थी। इसमें कहा था कि उनकी 16 वर्षीय पुत्री अपनी सहेलियों के घर आती जाती रहती थी। सहेलियों का भाई हाशिम हसन उसकी पुत्री पर बुरी नीयत रखता था।
एक अप्रैल 2021 को उनके घर पर कोई नहीं था। नाबालिग पुत्री घर पर अकेली थी। शाम करीब 6:30 बजे पुत्री को अकेला पाकर हाशिम घर में घुस आया और पुत्री को ब्लेड मार कर घायल कर दिया व जान का भय दिखाते हुए उसके साथ दुष्कर्म किया। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। बदनामी और जान से मारने की धमकी के भय से पुत्री भयभीत थी। काफी प्रयास के बाद पुत्री ने परिजनों को घटना के बारे में बताया।
पुलिस ने हाशिम के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना की। विवेचना के बाद साक्ष्य जुटाकर पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट / अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने हाशिम को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 11500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।