संभल। शहर की प्राचीन महिष्मति नदी को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा। इसके लिए डीएमए अंकित खंडेलवाल ने निर्देश दिए हैं। वह सोमवार को एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के साथ निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। डीएम ने बताया कि एक जनपद–पांच नदियां अभियान चल रहा है। इसके तहत प्राचीन नदियों के पुनरुद्धार और संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में महिष्मति नदी (भैंस नदी) के अतिक्रमण वाले हिस्सों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाना है।
डीएम और एसपी ने चौधरी सराय के पास नदी का निरीक्षण किया। डीएम ने नगर क्षेत्र में नदी क्षेत्र को गाटावार चिन्हांकित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्राचीन कल्कि मंदिर मार्ग के समीप विकास और सुंदरीकरण का प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। इसमें एक द्वार, सड़क किनारे रैलिंग और मार्ग निर्माण शामिल होगा। इसके बाद, उन्होंने ग्राम रसूलपुर सराय में चल रहे खुदाई कार्य का भी निरीक्षण किया। साथ ही नदी किनारे स्थित तालाबों को चिन्हांकित कर नदी से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। इससे जल संरक्षण और नदी का पुनरुद्धार अधिक प्रभावी होगा। डीएम ने बताया कि महिष्मति नदी संभल तहसील के पांच गांवों से होकर गुजरती है। यह प्राचीन नदी है।
चंदायन से आगे जाकर सोत नदी से मिलती है नदी
महिष्मति नदी खग्गुपुरा, रसूलपुर सराय, नरोत्तम सराय, बदांयू दरवाजा और हबीबपुर गांवों से गुजरती है। यह प्राचीन चंद्रेश्वर तीर्थ ग्राम चंदायन के पास आगे निकलती है। नदी की कुल लंबाई लगभग 12 किलोमीटर है। एसडीएम विकास चंद्र की निगरानी में इसकी खोदाई चल रही है। करीब दो किलोमीटर हिस्से की खोदाई की जा चुकी है।
कोट
महिष्मति नदी के पुनरुद्धार और सुंदरीकरण कार्य को प्राथमिकता देने के लिए एसडीएम को कहा है। खोदाई का कार्य जल्द पूरा कराने के लिए निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
अंकित खंडेलवाल, डीएम, संभल।