मेंथा की नई फसल के इंतजार में शुक्रवार का एेसा रहा नजारा।
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कोंच, जालौन, छतरपुर और बाराबंकी से मेंथा आयल की आवक संभल, रामपुर, बदायूं मंडी में शुरू हो चुकी है। आवक दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। मेंथा आयल से डीएमओ, बोल्ड और क्रिस्टल तैयार करने वाले कारखानों में भी रौनक लौट आई है। अकेले संभल मंडी में दिन में 70-80 ड्रम मेंथा आयल पहुंच रहा है, जबकि 15 दिन पहले यही आवक 20-25 ड्रम थी।
व्यापारियों ने बताया कि स्थानीय क्षेत्र से अभी नई फसल का मेंथा आयल नहीं आया है। इसमें कुछ वक्त लगेगा। क्षेत्र में मेंथा पेराई की टंकियां तैयार है लेकिन पेराई 5 जून के बाद शुरू होगी। इस तरह से संभल से नई फसल का तेल 8-10 जून के बीच आएगा। तेल का रेट फिलहाल 1155 रुपये प्रति किलोग्राम है। राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खपत के आधार पर आगे दाम में उतार चढ़ाव हो सकता है।
मेंथा की नई फसल का तेल इसी सप्ताह आने के आसार साफ नजर आ रहे हैं। फसल खेत में तैयार है। पेराई के लिए मशीन भी चालू है, लेकिन अभी किसान ने कटाई नहीं की। क्योंकि तेज लू का एक सप्ताह फसल को नहीं मिल सका है। फिलहाल पुरवाई चल रही है।
किसानों का कहना है कि पुरवाई में अगर फसल काटी तो तेल की रिकवरी घटेगी, लेकिन अगर पुरवाई के बाद लू चली और सात दिन तक लू में फसल को रोक लिया तो तेल की रिकवरी बढ़ जाएगी। किसानों ने बताया कि एक बीघा में दस किलोग्राम तक औसतन तेल निकल आता है। लेकिन जिनकी फसल हल्की होती है उसमें 6-7 किलोग्राम प्रति बीघा के हिसाब से तेल की रिकवरी आती है।
मेंथा के व्यापारी दीपक गुप्ता ने बताया कि उनकी किसानों से लगातार बातचीत हो रही है। फसल अच्छी है। अब नई फसल के तेल की आवक का इंतजार है क्योंकि पुराना स्टॉक खत्म हो चुका है।