शुक्रवार की दोपहर मोहल्ला चुन्नी से एक ढाई वर्ष की बच्ची रोती हुई खेतों की ओर जा रही थी। इस दौरान मोहल्ले की मीना पत्नी सुनील की नजर पड़ी तो उसने उसे गोद में उठा लिया। उससे पूछताछ की गई लेकिन मासूम कुछ नहीं बता सकी।
मीना ने बच्ची को लेकर सारे मुहल्ले में घुमाया, लेकिन किसी ने भी उसे पहचाना नहीं। बच्ची मध्यम वर्गीय परिवार की मालूम होती है। कोई हल निकलता न देख महिला बच्ची को लेकर कोतवाली गई और सारी घटना से पुलिस को अवगत कराया। पुलिस ने महिला से पूछताछ कर बच्ची को उसी के सुपुर्द कर दिया। मीना का कहना था कि अगर शनिवार की सुबह इसके परिजन आते हैं तो पुलिस को अवगत करा बच्ची को दे दिया जाएगा। अगर कोई नहीं आता है। तो वह स्वयं उसका पालन पोषण कर लेगी।