संभल। साप्ताहिक लॉकडाउन का पहला दिन बेअसर दिखाई दिया। मुख्य मार्गों पर लोगों की आवाजाही और वाहनों की लंबी कतारें लॉकडाउन अवधि का मजाक उड़ाती नजर आईं। प्रतिष्ठान भले पूरी तरह बंद रहे लेकिन कुछ लोगों ने चोरी छिपे अपने प्रतिष्ठान खोले। इस दौरान न पुलिस का पहरा नजर आया और न प्रशासनिक अधिकारी दौर पर दिखाई दिए। ऐसे में साप्ताहिक लॉकडाउन का उद्देश्य पूरा होता दिखाई नहीं दिया।
शनिवार और रविवार को शासन ने साप्ताहिक लॉकडाउन घोषित किया हुआ है। इस अवधि में पूरी तरह पाबंदी लगी हुई है। अनावश्यक घूमने वाले लोगों पर कार्रवाई का आदेश है। जरूरी काम से निकलने वाले व्यक्ति को भी साबित करना होगा कि वह जरूरी काम से निकला है। इस अवधि के पालन के लिए शासन ने सख्त हिदायत दी हुई है। इसके बाद भी शनिवार को लॉकडाउन अवधि के पहले दिन संभल में सभी लोग आम दिनों की तरह सड़कों पर दिखाई दिए। दो पहिया वाहन से लेकर बड़े वाहन तक अपनी रफ्तार पर दौड़ते रहे। गौर करने वाली बात यह है कि कहीं चेकिंग तक नहीं की गई। इससे लोगों की आवाजाही आम दिनों की तरह हो गई। ऐसे में साप्ताहिक लॉकडाउन होने का क्या फायदा है। भले जिले में कोरोना संक्रमण की दर घटी है लेकिन संक्रमण खत्म नहीं हुआ है। लापरवाही लोगों की मुश्किल बढ़ा सकती है।