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श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण सुख शांति का आधार : वीरेश रामायणी

Mon, 03 Feb 2025 12:57 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
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जुनावई (संभल)।
बिजलीघर के पास मैदान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में वीरेश रामायणी ने बताया कि संसार में भगवान कृष्ण ही सृष्टि का सृजन, पालन और संहार करते हैं। जब- जब पृथ्वी पर पाप बढ़ जाते हैं, तब भगवान किसी न किसी रूप में अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते है।
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जुनावई कस्बे में श्रीमद्भागवत कथा चल रही है। इसी क्रम में रविवार को कथा के आरंभ से पहले पूजन किया गया। इसके बाद कथा वाचक वीरेश रामायणी ने श्रीमद्भागवत कथा का महत्व बताया। कहा कि भगवान के चरणों में जितना समय बीत जाए उतना अच्छा है। इस संसार में एक-एक पल बहुत कीमती है। जो बीत गया सो बीत गया। इसलिए जीवन को व्यर्थ में बर्बाद नहीं करना चाहिए। भगवान द्वारा प्रदान किए गए जीवन को भगवान के साथ और भगवान के सत्संग में ही व्यतीत करना चाहिए। श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से मोक्ष की प्राप्ति संभव है। उन्होंने बताया कि हर व्यक्ति को जीवन में सुख व शांति के अलावा मोक्ष प्राप्त करने के लिए श्रीमद्भागवत कथा का नियमित श्रवण करना चाहिए। जिस प्रकार परीक्षित ने श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर मोक्ष को प्राप्त किया, वैसे ही भागवत जीव को अभय बना देती है। इस मौके पर राजीव सिंह, हरिओम शर्मा, नरेश पाल, अवधेश कुमार, वीरेश पाल, अंगद सिंह, अखिलेश कुमार, नेमपाल सिंह, शांति स्वरूप, पर्वत सिंह, सुभाषचंद्र शर्मा, ब्रजेश कुमार आदि लोग मौजूद रहे।
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