चंदौसी। धनारी क्षेत्र के गांव जसुपुर में तीन अगस्त 2010 को रिश्ते के चाचा भतीजे की गांव के ही लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में जिला न्यायालय के अपर न्यायधीश ( रेप एंड पोक्सो कोर्ट) ने दोहरे हत्याकांड के पांच आरोपियों को आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी ने बताया कि धनारी क्षेत्र के गांव जसुपुर निवासी राजेद्र सिंह ने तीन अगस्त 2010 को थाने रिपोर्ट दर्ज कराया थी। रिपोर्ट में बताया था कि उसका रिश्ते का भतीजा दिनेश गांव के ही नेकपाल के साथ गाजियाबाद में मजदूरी करता था। वहां नेकपाल ने दिनेश के थप्पड़ मार दिया था। गांव आने पर दिनेश ने अपने पिता से शिकायत की थी। दिनेश के पिता ने रास्ते में ही नेकपाल की पिटाई कर दी थी। इसको लेकर तीन अगस्त 2010 नेकपाल व उसके पक्ष के लोग तमंचे लेकर बैठक पर आ गए थे।
आरोपियों ने रिश्ते के भतीजे दिनेश और सगे भाई कल्याण को गोली मार दी थी। अस्पताल ले जाते समय दिनेश ने रास्ते में दम तोड़ दिया तथा कल्याण की अस्पताल में मौत हो गई थी। राजेंद्र सिंह की तहरीर पर पुलिस ने नेकपाल, उसके पक्ष के रसदेव, अजयपाल, छोटे और ओमकार के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज थी। इस मामले की सुनवाई अपर न्यायधीश (रेप एंड पोक्सो कोर्ट) सुशील कुमार तृतीय कर रहे थे। गवाह और साक्ष्यों के आधार पर अपर न्यायधीश सुशील कुमार तृतीय ने पांच आरोपियों को आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।