चंदौसी (संभल)। संभल के मोहल्ला हल्लूसराय निवासी ग्राम पंचायत सचिव सुरजीत कुमार के बेटे युवराज की फिरौती के लिए अपहरण के बाद हत्या में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अशोक कुमार यादव ने मोहल्ले के ही राजीव प्रजापति और रामपुर निवासी बनवारी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 2.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं महिला समेत दो आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।
संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हल्लू सराय निवासी ग्राम पंचायत सचिव सुरजीत कुमार के बेटे युवराज गोले का 19 मार्च 2020 की दोपहर करीब तीन बजे अपहरण किया गया था। अपहरण के कुछ समय बाद ग्राम पंचायत सचिव की पत्नी ममता गोले को फोन कर आठ लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की थी। छानबीन की तो सीसीटीवी फुटेज में युवराज को लेकर जाते हुए दो लोग दिखाई दिए थे। इसमें एक आरोपी राजीव प्रजापति था जो ग्राम पंचायत अधिकारी का पड़ोसी था। जबकि दूसरा आरोपी रामपुर जिले का निवासी बनवारी दिवाकर था। पुलिस ने राजीव और बनवारी को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो आरोपियों ने युवराज की हत्या करने की बात स्वीकार की थी। साथ ही 21 मार्च 2020 को रामपुर जिले के थाना मिलक खानम पीपली वन से शव बरामद कराया गया था। पुलिस ने आरोप पत्र में राजीव, बनवारी के अलावा रामपुर जिले के थाना बिलासपुर के रहने वाले नीरज व आरोपी राजीव की बहन हल्लू सराय निवासी डोली को भी अपहरण व हत्या के मामले में आरोपी बनाया था। इन सभी चार आरोपियों के खिलाफ पुलिस द्वारा आरोप पत्र दाखिल किए गए थे। इस मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने आरोपी राजीव व बनवारी को अपहरण और हत्या के मामले में दोषी करार दिया। दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सुजा सुनाई। साथ ही दोनों आरोपियों पर 1.25 लाख रुपये का अलग अलग जुर्माना लगाया। वहीं डोली और नीरज को संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त कर दिया गया है।
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अभी न्याय नहीं मिला, फांसी होनी चाहिए, जो दोषमुक्त हुए हैं हम उनके खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे
ग्राम पंचायत सचिव सुरजीत कुमार ने बेटे के अपहरण व हत्या के निर्णय पर कहा कि वह इस निर्णय से सहमत नहीं है। जघन्य अपराध करने में फांसी होनी चाहिए। साथ ही कहा कि जो दो लोग दोषमुक्त हुए हैं उनके खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। कहा कि उन्हें तभी न्याय मिलेगा जब बेटे का अपहरण व हत्या करने वाले लोगों को फांसी की सजा मिलेगी। बताया कि दो बेटे व एक बेटी में युवराज सबसे छोटा था। वह एक्टर बनना चाहता था और उसने उन्हीं दिनों एक्टिंग का कोर्स भी किया था।