चंदौसी (संभल)। असमोली थाना क्षेत्र के गांव में घर के बाहर खेल रही आठ साल की बालिका को गांव का ही युवक उठाकर ले गया था और दुष्कर्म किया था। इस मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मामले की सुनवाई की। दोष सिद्ध होने पर न्यायाधीश ने आरोपी युवक को आजीवन कारावास व 13 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो एक्ट) आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि थाना असमोली में 26 जून 2019 को गांव निवासी एक व्यक्ति ने तहरीर दी थी। तहरीर में बताया था कि वह अपनी पत्नी के साथ रिश्तेदारी में गया था। घर पर उसकी बेटियां थी। दिन में करीब तीन बजे उसकी सबसे छोटी आठ वर्षीय बेटी बच्चों के साथ बाहर खेलने गई थी। उसके बाद उसकी बेटी लापता हो गई थी। ढूंढने पर नहीं मिली थी। वह उसी दिन शाम को लौटते चौधरपुर पहुंचा था। वहां रिश्तेदार ने जानकारी दी कि उसकी छोटी बेटी गांव में ही है। वह मौके पर पहुंचा, तो उसकी बेटी रक्तरंजित हालत में थी।
पूछने पर बेटी ने बताया कि गांव का ही युवक विशेेेष उसे घर के पास से लेकर आया था और उसके साथ गलत काम किया था। आरोपी बालिका को चौधरपुर में सड़क पर छोड़ गया था। वहां से पीड़ित बेटी को लेकर घर पहुंचा और पुलिस को आरोपी के खिलाफ तहरीर दी।
उन्होंने बालिका को गंभीर हालत में मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद 28 जून 2019 को आरोपी को उसके घर से ही गिरफ्तार कर लिया था। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्भय नारायण राय ने की। गवाह व साक्ष्यों के आधार पर आरोपी युवक विशेष पर दोष सिद्ध हुए। उन्होंने आरोपी युवक विशेष को आजीवन कारावास व 13 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।