जुनावई। क्षेत्र की जनता और युवाओं की सुविधा के लिए जुनावई ब्लॉक में बना पुस्तकालय जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते शुरू होने से पहले की खंडहर में तब्दील होने लगा है। पुस्तकालय खाली है और कोने में पड़ीं किताबों को दीमक चट कर रही है।
ग्रामीणों को ज्ञान की सौगात देने के उद्देश्य से करीब चार वर्ष पहले ब्लॉक मुख्यालय पर एक पुस्तकालय कक्ष का निर्माण कराया गया था। कमरे के अंदर आलीशान फर्नीचर, पाठकों के बैठने की व्यवस्था और पुस्तकें रखने के लिए रैक पूरी तरह फिट करा दी गई थीं, लेकिन चार साल बीतने के बाद भी पुस्तकालय में एक भी किताब पढ़ने के लिए नहीं रखी गई। देखरेख के अभाव में अब ये पूरा रूम एक खंडहर में तब्दील होता जा रहा है।
हैरानी की बात यह है कि ब्लॉक मुख्यालय पर जनता के पढ़ने के लिए कई महीने पहले काफी संख्या में पुस्तकें भेज दी गई थीं, लेकिन इन पुस्तकों को पुस्तकालय की रैक में सजाने के बजाए एक कोने में लावारिस फेंक दिया गया। बंद कमरों और सीलन के बीच रखीं इन किताबों को अब दीमक चट रही है। जिम्मेदारों की लापरवाही से लाखों की किताबें कचरा बन रही हैं।
मुझे इस संबंध में पूरी जानकारी नहीं है। हालांकि ब्लॉक मुख्यालय पर जो पुस्तकें आई हैं, उन्हें ग्राम पंचायत स्तर पर बनाए गए पुस्तकालयों में भेजा जाना तय हुआ है। - कुलदीप कुमार, एडीओ पंचायत
जुनावई ब्लॉक के एडीओ पंचायत कुलदीप कुमार से