संभल में तेंदुए दिखने की सूचना के बाद पहुंची टीम
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संभल के हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव धतरा में मंगलवार की रात तेंदुआ देखने का दावा किया है। ग्रामीण सारी राज जागते रहे। बुधवार को दिन में भी जंगल नहीं गए। वहीं ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तेंदुए की तलाश के लिए अभियान चलाया।
डीएफओ जेबी शेंडे ने बताया कि तेंदुए के पदचिन्ह मिले हैं लेकिन वह काफी पुराने प्रतीत हो रहे हैं। जिस तेंदुए की मौत हुई है उसके हो सकते हैं। एहतियाती तौर पर टीम को तेंदुए की तलाश के लिए लगाया गया है। टीम ग्रामीणों को जागरूक भी कर रही है।
साथ ही कैसे बचाव किया जाए। इसके भी तरीके बता रही है। गांव धतरा निवासी विजयपाल सैनी ने बताया कि मंगलवार की रात करीब एक बजे वह परिवार के साथ घर में सो रहे थे। इसी दौरान आहट होने पर जागे तो टॉर्च आंगन की ओर मारी। इस दौरान आंगन में तेंदुआ बैठा था।
पत्नी व बच्चों को कमरे में बंद कर घर से निकल गए और शोर मचा दिया। शोर मचाने पर तेंदुआ जंगल की ओर चला गया। बुधवार को डीएफओ टीम के साथ गांव पहुंचे तो ग्रामीण से जानकारी ली और आसपास तेंदुए की तलाश के लिए अभियान चलाया।
ग्रामीण ने डीएफओ को एक वीडियो दिखाई जिसमें पदचिन्ह और खून के धब्बे दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीण का दावा है कि यह उसके घर का वीडियो है। गांव के नजदीक स्थित तालाब के किनारे भी पदचिन्ह मिले हैं।
धतरा में यातनाएं देकर मार डाला था तेंदुआ
22 फरवरी को हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव धतरा निवासी रामकुंवर सैनी के घर में तेंदुआ घुस गया था। जिसको पकड़ने पहुंची वन विभाग की टीम ने पूरी तरह लापरवाही बरती थी। जाल में फंसा होने के बाद वर्दीधारियों ने चारपाइयों से दबा दिया था और ऊपर से खड़े हो गए थे।
करीब 45 मिनट तक तो तेंदुए ने जिंदगी के लिए संघर्ष किया था। लेकिन बाद में उसकी मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कार्डियक अरेस्ट बताया गया था। इस घटना के बारे में डीएफओ का कहना है कि तेंदुए की मौत के मामले में विभागीय जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंंगे। उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
गांव धतरा में तेंदुए के पदचिन्ह मिले हैं, लेकिन वह काफी पुराने हैं। जो तेंदुआ मर गया है उसके भी हो सकते हैं। टीम को गांव में तेंदुए की तलाशी के लिए लगाया गया है। टीम लगातार गश्त कर रही है। -जेबी शेंडे, डीएफओ, संभल