संवाद न्यूज एजेंसी
संभल। हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव धतरा में शुक्रवार की रात साढ़े आठ बजे फिर से तेंदुआ घुस आया। कुत्तों के भौंकने पर ग्रामीण ने बाहर जाकर देखा तो तेंदुुआ बैठा था। शोर मचाने ग्रामीण एकत्र हो गए और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने वन विभाग की टीम को सूचना दी लेकिन करीब सवा दस बजे वन विभाग की टीम गांव पहुंची। जिसके बाद सर्च अभियान चलाया गया।
गांव धतरा में पिछले कुछ दिनों से तेंदुए की दहशत में है। ग्रामीणों ने खेतों पर जाना बंद कर दिया। साथ ही शाम होते ही घरों के दरवाजे बंद कर लेते हैं। गांव निवासी कैलाश ने बताया कि उनका घर गांव के बाहरी छोर पर है। शुक्रवार की रात करीब साढ़े आठ बजे कुत्तों के भौंकने की आवाज आ रही थी। बाहर जाकर देखा तो कुत्ते एक ही दिशा की ओर भौंक रहे थे। टॉर्च मारी तो सामने तेंदुआ बैठा था। भागकर घर में घुस गया और शोर मचाया। इसके बाद लोग पहुंचे। हयातनगर थाना प्रभारी संत कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर टीम के साथ गांव पहुंचे थे, वन विभाग की टीम सवा दस बजे पहुंची। जिसके बाद तलाशी अभियान चलाया है। ग्रामीणों को सावधानी बरतने की हिदायत दी है।
ग्रामीणों ने जताया रोष : ग्रामीणों ने रोष जताते हुए कहा कि वन विभाग के अधिकारी लापरवाही दिखा रहे हैं। आला अधिकारी संज्ञान नहीं ले रहे। यदि तेंदुए ने किसी पर हमला कर दिया तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
ग्रामीण के घर में मिले थे पंजे के निशान
गांव धतरा निवासी विजयपाल सैनी के घर में मंगलवार की रात करीब एक बजे तेंदुआ घुसा था। विजयपाल सैनी का घर कैलाश से करीब 200 मीटर दूरी पर स्थित है। ग्रामीणों का कहना है कि जो तेंदुआ 22 फरवरी को मारा गया है। वह नर था। अब जो गांव में तेंदुआ आ रहा है वह मादा हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि बुधवार को ही गांव में वन विभाग की टीम आई थी। उसके बाद टीम नहीं आई। शुक्रवार की रात भी तेंदुआ आ गया लेकिन वन विभाग की काफी देरी से पहुंची।
लापरवाही से एक तेंदुए की जा चुकी है जान
22 फरवरी को ढगांव धतरा निवासी रामकुंवर सैनी के घर में तेंदुआ घुस गया था। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जाल में फंसे होने के बाद तेंदुए को चारपाइयों से दबाकर खड़े हो गए थे। करीब 45 मिनट तक तो तेंदुए ने जिंदगी के लिए संघर्ष किया था। लेकिन बाद में उसकी मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कार्डियक अरेस्ट बताया गया था।