संभल। कई वर्ष से उठ रही असमोली तहसील बनाने की मांग पर मंगलवार को विराम लग गया। सरकार ने विधानसभा सत्र के दौरान असमोली विधानसभा क्षेत्र की विधायक पिंकी यादव की तहसील बनाने की मांग पर स्पष्ट किया कि तहसील नहीं बनाई जा सकती है। लेखपाल क्षेत्र 100 से कम हैं।
इसके अलावा असमोली विधानसभा क्षेत्र के गांव पाठकपुर और सैरुआ की दूरी असमोली से 55 से 60 किलोमीटर दूर हो जाएगी। जबकि इन राजस्व ग्राम की दूरी चंदौसी से 28 से 30 किलोमीटर दूर है। विधायक की गांव कैलादेवी में राजकीय कॉलेज बनाने की मांग को भी स्वीकार नहीं किया गया है। मंगलवार को सत्र के दौरान विधायक पिंकी यादव ने मुख्यमंत्री के सामने मांग रखी थी कि असमोली ब्लॉक मुख्यालय को तहसील बनाया जाए। ग्रामीणों को तहसील स्तरीय समस्या के लिए संभल तहसील जाना पड़ता है। इस पर विधायक को बताया गया कि असमोली तहसील सृजित किए जाने से संभल ब्लॉक और थाना नखासा आंशिक हो जाएगा। इसके अलावा राजस्व ग्रामों का विभाजन हो जाएगा। कुछ भाग संभल और कुछ भाग असमोली में शामिल हो जाएगा। संभल तहसील में 100 लेखपाल क्षेत्र हैं जो मानक के अनुसार हैं। इसलिए असमोली को तहसील बनाया जाना औचित्यपूर्ण नहीं है। विधायक की राजकीय महाविद्यालय बनाने की मांग को भी स्वीकार नहीं किया गया। कहा कि कैलादेवी क्षेत्र के 15 किलोमीटर की परिधि में गवां स्थित जुगल किशोर महाविद्यालय स्थित है। इसलिए इस परिधि में महाविद्यालय नहीं बनाया जा सकता।