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प्रचंड गर्मी में स्कूलों में अवकाश की मांग उठी

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चंदौसी। एक तरफ प्रचंड गर्मी पड़ रही है तो वहीं दूसरी ओर स्कूल जाना भी जरूरी है। ऐसे में बच्चों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। निजी स्कूलों में तो पंखे आदि की व्यवस्था है लेकिन अधिकांश परिषदीय विद्यालयों में तो पंखे भी नहीं हैं। ऐसे में कक्षाओं में बैठना मुश्किल हो रहा है। अखिल भारतीय युवा उद्योग व्यापार मंडल ने विद्यालयों में कम से कम पंद्रह दिन का अवकाश घोषित करने की मांग की है।
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इसमें कोई दो राय नहीं तापमान के लगातार बढ़ने से भीषण गर्मी का प्रकोप है। छतों पर रखे वाटर टैंक का पानी तक गर्म हो रहा है। बंद कमरों में बिना पंखों के बैठना संभव नहीं हो पा रहा है। स्कूल खुल गए हैं। स्कूल चलो रैलियां भी निकाली जा रही हैं। लेकिन इन रैलियों में भी नौनिहालों को सड़कों पर घुमाया जा रहा है। जिसमें भीषण गर्मी में बच्चे बेहाल हो रहे हैं। जबकि स्कूल चलो अभियान के तहत बच्चों को नहीं बल्कि उनके अभिभावकों को प्रेरित करने की आवश्यकता है।
निजी स्कूल कई-कई मंजिल के बने हैं, जिनमें बच्चों के जीना भी चढ़ना पड़ता है। कुल मिलाकर प्रचंड गर्मी में बच्चों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अखिल भारतीय युवा उद्योग व्यापार मंडल की बैठक में भीषण गर्मी में बच्चों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई। नगराध्यक्ष अनुज वार्ष्णेय ने मांग की कि छोटे बच्चों के स्कूलों के कम से कम पंद्रह दिन का अवकाश घोषित किया जाना चाहिए। निजी स्कूलों की मनमानी पर भी पाबंदी लगाई जानी चाहिए।
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इसमें राजू चड्ढ़ा, संजीव अग्रवाल, शाह आलम मंसूरी, सुशील छोटू, मुदित गर्ग, नितिन रस्तोगी, अतुल कश्यप, गगन बजाज आदि शामिल रहे।
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