संभल। पूर्व सांसद जयप्रदा पर 30 जून को मुरादाबाद के एक आयोजन में सपा नेताओं द्वारा की गई टिप्पणी का विरोध करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री मुस्तफा हुसैन ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। रामपुर जिले के सिविल लाइंस कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट में रामपुर के सपा सांसद आजम खां, उनके बेटे और स्वार के सपा विधायक अब्दुल्ला आजम खां, नगर पालिका रामपुर के पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर खां, मुरादाबाद के सांसद डा. एसटी हसन, संभल के सपा जिलाध्यक्ष फिरोज खां और सय्यद आरिफ हसन आरोपी हैं। इसी प्रथम सूचना रिपोर्ट का विरोध करने के लिए संभल स्थित तहसील मुख्यालय पर बुधवार की दोपहर संभल के सपाई एकत्र हुए।
सपा जिलाध्यक्ष फिरोज खां ने उनका नेतृत्व किया। प्रदर्शन कर रहे सपाइयों ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जिंदाबाद के नारों के साथ दर्ज रिपोर्ट को गलत ठहराया। साथ ही एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और पूर्व सांसद जयप्रदा पर सियासी पलटवार किया।
सपा जिलाध्यक्ष फिरोज खां ने कहा कि चुनाव के दौरान रामपुर की भाजपा प्रत्याशी रहीं जयप्रदा ने सपा के नेताओं पर तमाम झूठे आरोप लगाए। पुलिस से लेकर चुनाव आयोग तक शिकायतें दर्ज कराईं।
लेकिन अफसोस की बात है कि चुनाव हारने के बाद भी आरोपों और शिकायतों का सिलसिला जयप्रदा की ओर से खत्म नहीं किया गया है। सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि कटघर के मुस्लिम डिग्री कालेज के कार्यक्रम में टिप्पणी किए जाने के आरोप में उन्हें नामजद किया गया है जबकि वह इस कार्यक्रम में थे ही नहीं। उन्होंने नामजदगी को फर्जी करार दिया। साथ ही यह भी कहा कि उन्हें तथा उनके परिवार को पूर्व सांसद से जान का खतरा है। इस बारे में वह शासन प्रशासन के अधिकारियों के साथ राज्यपाल को भी अवगत कराएंगे।