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बिजली विभाग के एसएसओ की बेटी पर खूंखार कुत्तों ने किया हमला

Sat, 18 Nov 2017 02:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
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संभल में कुत्तों के हमले से घायल छात्रा का मेडिकल करते डाक्टर। - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला संभल
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बिजली विभाग के एसएसओ की टयूशन जाती बेटी पर खूंखार कुत्तों ने हमला कर दिया। शोर मचाने पर लोगों ने बमुश्किल उसे बचाया। जिला अस्पताल में छात्रा का उपचार व मेडिकल कराया गया। एसएसओ ने पुलिस को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज करने की गुहार लगाई है।
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संभल के मुख्य बिजलीघर पर सत्यपाल सिंह यादव एसएसओ के पद पर तैनात है। एसएसओ की 16 वर्षीय बेटी पारूल यादव सरस्वती विघा मंदिर स्कूल में कक्षा 11 में पढ़ती है। शुक्रवार सुबह सात बजे पारूल टयूशन पढ़ने के लिए बिजली कालोनी से साइकिल पर सवार होकर मोहल्ला हल्लू सराय के लिए चली। कुछ दूर चलने पर ही पालतू कुत्तों ने उसे घेर लिया।

कुत्तों ने हमला किया तो पारूल साइकिल से नीचे गिर गई। जिसके बाद कुत्ते उस पर लिपट गए। पारूल ने शोर मचाया तो आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। किसी तरह कुत्तों को भगाया मगर तब तक पारूल घायल हो गई। उसके मुंह, हाथ और पैरों पर कुत्तों ने काट खाया। सूचना मिलने पर एसएसओ और उनके परिजन पहुंच गए। घायल पारूल को लेकर कोतवाली पहुंचे और पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने पारूल का जिला अस्पताल में मेडिकल और उपचार किया।
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कुत्तों का आतंक, सात दिन में 65 को काटा
संभल। संभल के साथ ही आसपास इलाके में कुत्तों का आतंक मचा है। खूंखार कुत्ते रोजाना किसी न किसी व्यक्ति पर हमला रहे हैं। जिला अस्पताल से मिले आंकड़े के अनुसार सात दिन में 65 लोगों को कुत्तों ने काटा है। इन्हें अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए गए हैं। ये आंकड़ा काफी बड़ा है। अगर प्रशासन और नगर पालिका ने समय रहते कुत्तों को पकड़वाने के लिए कदम नहीं उठाए तो हालात और गंभीर हो सकते हैं, इससे इंकार नहीं किया जा सकता।


बंदरों ने 16 लोगों को नोंचा
संभल। क्षेत्र में आवारा कुत्ते ही नहीं बल्कि बंदर भी लगातार हमला कर रहे हैं। गुरुवार को असमोली क्षेत्र के गांव गुमसानी में मुुबारिक हुसैन के तीन वर्षीय बेटे मोहम्मद जैद को बंदरों ने नोंचा था। मोहम्मद जैद का मुरादाबाद के टीएमयू में उपचार चल रहा है। वहीं बंदरों के हमले से बीते सात में 16 लोग जिला अस्पताल पहुंचे हैं। इसलिए बंदरों से बचना भी बेहद जरूरी है।


एंटी रैबीज वैक्सीन र्प्याप्त मात्रा में उपब्ध है। कुत्ते के काटने से अगर जख्म ज्यादा नहीं है तो पटटी न कराएं तो अच्छा रहेगा। ऐसे जख्म को खुला रखकर सूखने दें।
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डा. एके गुप्ता, सीएमएस जिला अस्पताल संभल
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