जिले में निकाय चुनाव की आचार संहिता का पालन कराने के लिए चल रही चेकिंग के दौरान उड़न दस्ते ने एक बार फिर आठ लाख रुपये की बड़ी बरामदगी की है। पहली बरामदगी 10 नवंबर को हुई थी। तब भी धनराशि को जब्त करके ट्रेजरी में जमा करा दिया गया था। इस तरह से अब तक संभल जिले में 16 लाख रुपये जब्त किए जा चुके हैं। जब्त धनराशि के बारे में अपर पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पांडेय ने शुक्रवार को शाम मीडिया प्रतिनिधियों को जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि संभल-हसनपुर मार्ग पर बादल गुंबद के पास संभल से हसनपुर जा रही पिकअप में सीट के नीचे रखे एक थैले से आठ लाख रुपये बरामद किए गए। यह रुपये संभल मंडी में मैंथा की बिक्री के बाद हसनपुर ले जाए जाने की जानकारी पिकअप चालक ने दी। इसके आधार पर पुलिस की छानबीन अब आगे बढ़ रही है। प्रेसवार्ता के दौरान उड़न दस्ता में तैनात राज्य कर अधिकारी महेश चंद्र शर्मा ने बताया कि वह संभल हसनपुर मार्ग पर उड़न दस्ता आचार संहिता का पालन कराने के लिए चेकिंग कर रहे थे तभी एक पिकअप को रोका। जब उसकी तलाशी ली गई तो एक सीट के नीचे थैले में आठ लाख रुपये रखे हुए मिले।
वाहन चालक प्रकाश चंद्र पुत्र बलवीर सिंह निवासी हसनपुर से पूछा कि यह रुपये कहां से आए- इस पर चालक ने बताया कि रुपये हसनपुर के मैंथा व्यापारी के हैं। वह संभल में मैंथा बेचने के लिए शुक्रवार को दिन में 11 बजे आया था और इसके भुगतान को लेकर वापस हसनपुर जा रहा था। जब चालक से खरीद बिक्री के अभिलेख मांगे गए तो वह कुछ नहीं बता सका। इसके बाद उसने व्यापारी से फोन पर बात कराने का प्रयास किया लेकिन तब तक रुपये बरामदगी की जानकारी उन्होंने एडीएम को दे दी। एडीएम ने रुपये नखासा थाने में जमा कराने का निर्देश दिया।
इसके बाद रुपये नखासा थाने लाए गए। यहां पर सभी अधिकारियों की मौजूदगी में रुपये सील किए गए हैं। इन्हें अब ट्रेजरी में जमा कराया जा रहा है। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि यह रुपये कहां से आए हैं और किसके हैं। रुपये व्यापारिक लेनदेन के हैं या नहीं। यह सब जांच का विषय है। जांच के लिए जिला स्तर पर एक समिति बनी हुई है। समिति साक्ष्यों का परीक्षण करेगी। इसके बाद अगला निर्णय लिया जाएगा। प्रेसवार्ता में अपर जिलाधिकारी आरपी यादव, एसडीएम राशिद अली खां, सीओ गमलेश्वर बिल्टोरिया मौजूद रहे।