अमृतसर में कुत्तों की सर्जरी कर रहा एक सिरफिरा
घटना उस वक्त हुई जब मासूम बालिका अपने दादा के साथ खेत पर पशुओं के लिए चारा लेने जा रही थी। कुत्तों के हमले के बाद चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग पहुंचे। मासूम को बचाया। गंभीर हालत मेें उसे जिला अस्पताल लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे मुरादाबाद रेफर कर दिया गया है।
मिठौली गांव निवासी करनपाल की बेटी सुषमा शनिवार को शाम 4.00 बजे दादा लेखराज के साथ खेत पर पशुओं के लिए चारा लेने के लिए जा रही थी। जैसे ही दादा, पोती को लेकर गांव से निकले तो रास्ते में चार पांच खूंखार कुत्तों ने दादा व पोती को घेर लिया। जब तक वह समझ पाते उससे पहले ही खूखार कुत्तों ने मासूम पर हमला बोल दिया। कुत्तों ने मासूम को नोंच डाला।
दादा ने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसी तरह से मासूम को कुत्तों से बचाया लेकिन तब तक कुत्तों ने मासूम को पैर, हाथ समेत कई स्थानों पर जख्मी कर दिया। कुत्तों के हमले से मासूम खून से लथपथ हो गई। आनन-फानन में मासूम को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। डाक्टरों ने यहां मासूम का प्राथमिक उपचार किया। लेकिन हालत गंभीर देख मुरादाबाद रेफर कर दिया।