नई व्यवस्था के तहत सरकार ने शिक्षित युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए यह कदम उठाया है। रोजगार स्थापित करने के लिए सरकार साढ़े तीन लाख रुपये के ऋण के अलावा अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएगी।
अभी तक खाद व कीटनाशक विक्रय के लाइसेंस आम आवेदन कर्ता को दिए जाते रहे हैं। कृषि विभाग अब केवल कृषि स्नातक युवाओं को यह लाइसेंस जारी करने की तैयारी में है। इसके पीछे सोच यह है कि जो कृषि स्नातक युवा बेरोजगार हैं, उन्हें इसके माध्यम से रोजगार मिल सके। कृषि विभाग एग्री जंक्शन योजना के तहत कृषि स्नातक युवाओं को निशुल्क लाइसेंस जारी करेगा और उन्हें निशुल्क प्रशिक्षण भी दिलाएगा।
रोजगार स्थापित करने के लिए बैंक 3.50 लाख रुपये का ऋण भी उपलब्ध करा रहा है। इसमें 46 हजार रुपये का अनुदान भी दिया जा रहा है। यही नहीं एक वर्ष का दुकान किराया भी सरकार ही वहन करेगी। जो युवा पहले से इससे संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके है। उन्हें चयन में वरीयता दी जाएगी। इसका लाभ केवल 40 वर्ष तक के कृषि स्नातक युवा ही ले सकते है।
जिले को इस तरह के 15 लाइसेंस जारी करने का लक्ष्य दिया गया है, जबकि लाइसेंस के लिए 22 युवाओं ने आवेदन किए थे। अब विभाग इन्हें लाइसेंस जारी कर रोजगार स्थापित कराने में मदद करेगा। -जेएस राठौर, उप कृषि निदेशक संभल