गुरुवार को कोहरे के कहर के बाद लिंक एक्सप्रेस पहले घंटों लेट हुई। बाद में चंदौसी रेलवे स्टेशन से ट्रेन के रद्द होने की सूचना जारी कर दी गई। इलाहबाद से देहरादून जाने वाली लिंक एक्सप्रेस चंदौसी नहीं पहुंची तो चंदौसी से देहरादून के रास्ते सफर करने वाले यात्री मायूस होकर अपने घरों को वापस लौट गए। आगरा चलकर ऋषिकेश के लिए जाने वाली आगरा कैंट पैसेंजर के साथ भी कोहरे ने लेटलतीफी का खेल खेला।
आगरा कैंट पैसेंजर अपने निर्धारित समय से आठ घंटे की देरी से चली। चंदौसी से आगरा की ओर जाने वाले यात्रियों को रेलवे स्टेशन पर घंटों इंतजार करना पड़ा। स्टेशन अधीक्षक एचएल राना ने बताया कि कोहरे में दृश्यता कम होने की वजह से संचालन प्रभावित होता है। ट्रेनों का संचालन प्रभावित नहीं हो इसके लिए अपने स्तर से हर संभव प्रयास कर रहे हैं। निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
कोहरे की चादर ने रोकी वाहनों की रफ्तार
बबराला। क्षेत्र में पड़ रही कड़ाके की ठंड पर कोहरे की चादर ने हाइवे पर फर्राटा मार रहे वाहनों पर ब्रेक लगा दिए। गुरुवार को पूरे दिन मौसम साफ नहीं हुआ। जिससे ठिठुरन के साथ गलन भी बढ़ी लोगों ने जल्दी से अपने घरों में दुबकना सहीं समझा। वहीं शाम तकरीबन पांच बजे से ही घने कोहरे की चादर ने हाइवे को जाम कर दिया। बबराला के आस-पास बदायूं, चंदौसी, गवां मार्ग पर कोहरे ने वाहनों के पहिए थाम दिए। बड़े वाहनों के चालकों ने बीच में ढाबा व पैट्रोल पंप पर अपने वाहनों का रुकना उचित समझा। वहीं दिन की रोशनी में भी वाहनों की लाइट जलती नजर आई।
दिन भर गलन के साथ भीषण ठंड, घरों में कैद हुए लोग
चंदौसी। कोहरे ने सूर्य भगवान को अपने आगोश में सूर्य भगवान छिपे तो एक भी किरण नजर नहीं आई। दिन भर गलन के साथ भीषण ठंड ने कहर बरपाया। लोग घरों में कैद हुए तो बाजार और सड़कों से रौनक गायब हो गई। निजी और सरकारी कार्यालयों में कामकाज ठप रहा। कर्मचारियों ने अलाव के इर्द गिर्द बैठकर समय व्यतीत किया।
गुरुवार को ठंड ने तीसरे दिन कहर बरपाया। सुबह से ही कोहरे ने शहर को अपने आगोश में ले लिया।
सूर्य भगवान को कुहासा ने अपने आगोश में लिया तो नगरवासी एक किरण के लिए तरस गए। सरकारी और निजी कार्यालयों में ठंड का असर साफ दिखा। हर तरफ सन्नाटे के बीच अलाव के इर्द गिर्द बैठे लोग नजर आए। भीषण ठंड के कहर के बीच बाजार और व्यस्तम मार्गों पर सन्नाटा पसरा नजर आया।