रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टैंड को कोहरे की चादर ने अपने आगोश में ले लिया। कोहरे से ठंड के साथ गलन बढ़ने से जिंदगी सिकुड़ी हुई नजर आई। सूर्य भगवान ने भी राहत की जगह केवल दर्शन ही दिए।
रेलवे स्टेशन पर कोहरे की काली चादर ने अपना कब्जा जमाया हुआ था। कोहरे की धुंध में काफी नजदीक आने पर ही ट्रेनें नजर आ रहीं थीं। कड़कड़ाती ठंड में यात्रियों ने मुश्किल भरा सफर किया। रोडवेज बस स्टैंड पर भी बसों के अंदर और बस स्टैंड परिसर में बस का इंतजार कर रहे यात्री गलन वाली ठंड से परेशान दिखे।
नगर के व्यस्ततम बाजार और मार्गों पर ठंड के बाद सन्नाटा पसरा हुआ दिखा। दोपहर में सूर्य भगवान के थोड़ी देर के लिए दर्शन हुए तो राहत मिली। कुछ देर बाद फिर से पहले जैसे हालात हो गए। ठंड और गलन से बचने के लिए अधिकतर लोग घरों में कैद रहे। सरकारी और निजी कार्यालयों में मौजूद अधिकारियों व कर्मचारियों ने चाय की चुस्की के साथ अपना समय व्यतीत किया।
लिंक एक्सप्रेस साढ़े नौ घंटे लेट, यात्री हुए परेशान
गुन्नौर/बबराला। बबराला रेलवे स्टेशन पर बुधवार को सुबह छह बजे आने वाली लिंक एक्सप्रेस ट्रेन शाम को 4.30 बजे आई। जबकि रेलवे स्टेशन पर कर्मचारियों ने बताया कि ट्रेन कोहरे की वजह से लेट हुई है। जिसकी वजह से वहां पर अलग-अलग समय से जाने वाले यात्रियों की संख्या हजारों में हो गई।
जबकि किसी का समय पर अपने आफिस पहुंचना था तो किसी को शादी में शामिल होना था। लेकिन ट्रेन लेट होने की वजह से कुछ लोग बस पकड़ कर अपने अपने काम के लिए निकल गए। मौके पर मिले यात्री राजेश, पुल्कित ने बताया कि हमें सुबह ही ट्रेन पकड़कर बरेली मौसी के बेटे की शादी में शामिल होना था लेकिन ट्रेन का इंतजार करते दोपहर हो गई लेकिन ट्रेन नहीं आई तो वापस घर लौटना पड़ रहा है।