दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर बनने से जहां दिवाली के चार दिन बाद भी धुंध बरकरार है। वहीं छोटे शहर भी इससे दूर नहीं है।
दिवाली पर जमकर शहरों और गांवों में आतिशबाजी हुई। इसका असर अब दिखाई दे रहा है। क्योंकि मौसम में बदलाव हुआ है इससे भारी कण वायुमंडल में नहीं जा पा रहे। ऐसे में त्योहार के कई दिन बाद धूंध का असर मौसम में दिखाई दे रहा है। हालांकि ये धुंध दो-तीन दिन से बनी हुई है।
लेकिन शनिवार को दिन भर इसका असर दिखा। पहले तो लोग इसे मौसम का बदलाव मान रहे थे। लेकिन धुंध में ठंडक न होने और दिन भर बरकरार रहने के बाद माना जा रहा है कि ये पटाखों के प्रदूषण से बना गुबार है। पर्यावरण के जानकार मान रहे हैं कि दिवाली पर हुई आतिशबाजी का संयुक्त असर अब दिखाई दे रहा है। हमें इसे देखकर भविष्य के खतरे से सचते होने की जरूरत है।
सुबह घर से बाहर निकले तो ऐसा लगा जैसे बादल छाए हुए हैं। आसमान में बादल छाए होने के कारण अंधेरे जैसे हालात नजर आए। लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि यह बादल नहीं है धुंध छाई हुई है।
- अजीत सिंह, ग्राम प्रधान आटा।
सर्दी ने ठीक से दस्तक भी नहीं दी है। बावजूद सुबह को घने कोहरे जैसे हालात नजर आए। पूरे दिन कोहरा नहीं छटा। शायद पटाखों के धुएं से बना धुंआ अब मौसम में दिखाई दे रहा है।
- सचिन राघव, मझावली।
कड़कड़ाती सर्दी में भी कोहरे का ऐसा नजारा देखने कम ही मिलता है। बारिश के दिनों में भी पूरे दिन बादलों के छाए रहने के नजारे अब देखने नहीं मिलते। शनिवार को धुंध का जो नजारा दिखा वह बेहद आश्चर्यजनक था।
- युवनेश तोमर, प्रवक्ता