संभल। नगर के खग्गू सराय में मदरसा अहले सुन्नत अजमल उल उलूम में सालाना जलसा आयोजित किया गया। इसमें फैजाने अजमल कॉन्फ़्रेंस भी आयोजित हुई।
शनिवार को आयोजित हुए कार्यक्रम की शुरुआत कुरान-ए-पाक की तिलावत से की गई। दिलकश अजमली ने मुफ्ती अजमल शाह की लिखी हुई हम्द और वासिफ अजमली ने नात-ए-पाक पेश की। बिहार से आए गुलाम रब्बानी ने कहा कि कुरान एक ऐसी किताब है जिसमें सारी जानकारी उपलब्ध है। कुरान को पढ़कर और समझकर इंसान सच्चा, ईमानदार और अमनपसंद बनता है। मौजूदा हालात में लोगों ने इसको पढ़ना और समझना छोड़ दिया है।
फैजाबाद से मुफ्ती जीशान मिस्बाही ने कहा कि इंसान नाफरमान होता जा रहा है। इंसान को जो करने को कहा जाता है वह नही करता बल्कि अपनी मर्जी के मुताबिक काम करता है। जबकि अल्लाह को यह नापसंद है। मुफ्ती मुख्तारुल हसन बगदादी ने कहा कि शिक्षा जरूर हासिल करनी चाहिए। शिक्षा हासिल करने की कोई उम्र नहीं होती है। हमारे प्यारे नबी के साथी जिनको सहाबा कहा जाता है उन लोगों ने 30 साल से ज्यादा की उम्र में इल्म हासिल किया था।
कारी वसी अशरफ ने भी इल्म पर रोशनी डाली। मुफ्ती आलम नूरी ने संचालन व शहर मुफ्ती कारी अलाउद्दीन अजमली ने मुल्क व क़ौम के लिए दुआ की। इस दौरान तकी अशरफ, सरफराज हुसैन, अब्दुल सुब्हान आदि मौजूद रहे।