चंदौसी (संभल)। श्री नारायण सेवा समिति के तत्वावधान में रंग बिरंगी काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ।
कार्यक्रम में सौरभ मिश्रा ने काव्य पाठ करते हुए सुनाया कि आ भूले शिकवे-गिले सभी तन मन सब रंग बिरंगे कर डालेें, मैं न रहूं तू न रहे एक दूजे के रंग में खुद को रंग डालें। डॉ. टीएस पाल ने सुनाया कि- सब कुछ जाम हो जाएगा ज्ञान नहीं था, इंसान घरों में कैद हो जाएगा अनुमान नहीं था। आशा बिसारिया ने कहा कि- होली हुरियारों की है, होली सब यारों की है, कृष्णगोपाल गुप्ता ने कुछ क्यूं कहा कि- अच्छे-अच्छे निपट गए इस बार होली में। कवियत्री दुर्गा टंडन ने सुनाया कि नहीं उतरती व्यथा वेदना, छुपी रह जाती है मन में। डॉ. जयशंकर दुबे ने सुनाया कि सूरत देखना नगीना है बालम आओगे कौन महीना है, बालम फागुन मस्त महीना है। कवियत्री वैशाली गोयल ने कहा कि कुछ ख्वाब सलोने रोज दहलीज पर मुझसे मिलने आते हैं। रामसेवक शर्मा ने सुनाया कि होली खेलन आइयो। सभी कवियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अभिषेक गुप्ता, एसपी सिंह, आनंद पाल सिंह, अविनाश गुप्ता, राजेश शर्मा, शैलेंद्र मिश्रा, भानु अग्रवाल, राजवीर सिंह आदि मौजूद रहे।