चंदौसी। दस गांवों को जोड़ने वाली करेली रोड पर गिरिराज धाम से श्मशान घाट तक जाने वाली मुख्य सड़क इन दिनों जर्जर हालत में पहुंच चुकी है। सड़क कई जगहों से उखड़ गई है, बजरी फैल चुकी है और गड्ढों के कारण राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगभग 250 मीटर लंबा यह मार्ग पूरी तरह खराब हो चुका है, जिससे आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
करेली रोड 8 से 10 गांवों के लोगों के लिए चंदौसी शहर आने-जाने का प्रमुख साधन है। रोजाना इसी सड़क से गांव कैथल, रामनगर, नवाबपुरा, शमसोई, एतोल, करेली, करेला आदि गांव के लोग खरीदारी, इलाज और अन्य जरूरी कार्यों के लिए शहर पहुंचते हैं।
स्कूल जाने वाले बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक दिक्कत हो रही है। कोहरे और कड़ाके की सर्दी के चलते सुबह-शाम के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है। घने कोहरे में सड़क पर बने गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे फिसलन और दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की खराब हालत के कारण वाहनों के खराब होने की घटनाएं बढ़ रही हैं। कई बार लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। बावजूद इसके अब तक सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से शीघ्र सड़क निर्माण/मरम्मत की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके और आवागमन सुचारु हो सके।
वाहन चलाना मुश्किल
यह सड़क कई महीनों से खराब पड़ी है। रोज इसी रास्ते से शहर जाना पड़ता है, लेकिन गड्ढों और बजरी के कारण वाहन चलाना मुश्किल हो गया है।
विजयलक्ष्मी, निवासी करेली रोड।
कोहरे और सर्दी में हालत और खराब हो जाती है। कई बार बाइक फिसल चुकी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
पंकज कुमार एडवोकेट निवासी करेली रोड।
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बच्चों को स्कूल भेजने में डर लगता है। सुबह घना कोहरा होता है और सड़क पर गड्ढे दिखाई नहीं देते। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ये सड़क 2012 में पड़ी थी, इसके बाद मरम्मत भी नहीं हुई।
सोमवती मौर्य, निवासी करेली रोड।
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यह सड़क 8 से 10 गांवों को जोड़ती है, फिर भी इसकी अनदेखी हो रही है। जल्द मरम्मत नहीं हुई तो हम लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
संजीव कुमार, निवासी करेली रोड।