सरायतरीन। बहजोई ब्लॉक क्षेत्र के गांव सिंहपुर में शनिवार को श्रीमद् भागवत कथा शुरू होने से पहले कलश यात्रा निकाली गई। विभिन्न रास्तों से होकर कथा स्थल पहुंचकर संपन्न हुई। अयोध्या में भगवान श्री रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के उपलक्ष्य में प्राचीन शिव मंदिर पर नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा शुरू की गई। कथाव्यास विजय नंदन शास्त्री ने बताया कि तुंग भंगा नदी के किनारे के एक गांव था। वहां पर आत्म देव नाम का एक ब्राह्मण और उसकी पत्नी धुंधली रहती थी। आत्म देव तो सज्जन था लेकिन उसकी पत्नी दुष्ट प्रवृति की थी। आत्म देव बहुत उदास रहता था। क्योंकि उसको कोई संतान नहीं हो रही थी। कई बार उसने आत्महत्या करने की कोशिश की। एक दिन हताश होकर जंगल की ओर आत्महत्या करने निकल गए। रास्ते में उन्हें ऋषि मिले और फिर आत्म देव ऋषि को अपनी कहानी सुनाकर रोने लगा। उपाय पूछने लगा। इस पर ऋषि ने कहा मेरे पास अभी तो ऐसा कुछ नहीं है जो में तुम्हें कुछ दे पाऊं। इस दौरान अशोक राघव, नितिन प्रताप सिंह, दिलीप राघव, चमन राघव, अवनेश राघव, राजू ठाकुर, बृजेश राघव, गिरीश तोमर, सोनू कठेरिया, अजीत राघव, मनोज राघव आदि रहे।