इस बार दो परीक्षा केंद्रों को निरस्त किया गया है। इनके स्थान पर दो नए परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
पिछले दो वर्ष से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं फरवरी माह से शुरू हो जाती हैं, लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव के चलते परीक्षाएं 15 मार्च के बाद होंगी। हालांकि इससे छात्र-छात्राओं को तैयारियों के लिए अच्छा समय मिल जाएगा। परीक्षा में जुटने वाला प्रशासन पहले चुनाव कराएगा। यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के लिए 94 परीक्षा केंद्र बनाए जा चुके हैं। परीक्षा में कुल 41,864 स्टूडेंट्स शामिल होंगे। हाईस्कूल के संस्थागत 23,924 और इंटरमीडिएट में 16738 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।
वहीं हाईस्कूल में व्यक्तिगत के 447 और इंटरमीडिएट में व्यक्तिगत स्तर पर 755 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। प्रयोगात्मक परीक्षाएं विधानसभा चुनाव के नामांकन से पहले होंगी। उम्मीद है कि 15 जनवरी तक प्रयोगात्मक परीक्षाएं संपन्न हो जाएंगी।
आचार्य मुक्तेश हकीम रईस सरस्वती इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य यतेंद्र भाटी ने बताया कि यूपी बोर्ड की परीक्षाएं, चुनाव के बाद होने से छात्र-छात्राओं को फायदा मिलेगा। परीक्षार्थियों को तैयारी के लिए अच्छा समय भी मिल जाएगा।