जाटों ने केंद्र की सरकारी नौकरियों में आरक्षण नहीं मिलने पर यूपी के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों का विरोध करने का एलान किया है।
काफूरपुर की संकल्प रैली को सफल बनाने के लिए शनिवार को अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने संभल जिले में अलग-अलग स्थानों पर तीन सभाएं की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरक्षण के मुद्दे पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। सिंहपुरसानी, सिरसानाल और ऐंजरा में हुई सभाओं में जाट नेजा मलिक ने जाट समाज से एकजुट होकर आंदोलन करने को कहा।
कहा, प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक है। ऐसे में हमें एकत्र होकर केंद्र को घेरना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरक्षण न मिलने पर भाजपा के प्रत्याशियों का विरोध किया जाए। जो पार्टी हमें आरक्षण देगी हम उसी का साथ देंगे। कहा कि 26 मार्च 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरक्षण दिलाने का वादा किया था जो पूरा नहीं हुआ जिसके चलते अब आंदोलन करने की जरूरत पड़ी है। कहा, अमरोहा जिले के काफूरपुर में 23 अक्टूबर को होने वाली जाट संकल्प रैली में आरक्षण की मांग जोरशोर से उठाई जाएगी।
उन्होंने सिंहपुरसानी में हक के लिए हिंदू बनकर नहीं बल्कि जाट बनकर वोट करने तो ऐंजरा में हरियाणा में जाट आंदोनकारियों पर हुए अत्याचार और गोलीकांड का जिक्र करते घावों को कुरेदने की कोशिश की।
संघर्ष समिति की सभाओं में रही 30 से अधिक गांवों की भागीदारी
संभल। संघर्ष समिति की सभाओं में 30 अधिक गांवों के लोगों की भागीदारी रही। संघर्ष समिमि के जिलाध्यक्ष विजयपाल सिंह, देवेंद्र सिंह, करतार सिंह, दीपक सिंह, हंसराज सिंह, विनय सिंह, राहुल सिंह, गौरव सिंह, प्रेमवीर सिंह, आनंद सिंह, नरेंद्र सिंह, अजब सिंह, सरनवीर सिंह, हरज्ञान सिंह, लाखन सिंह, राजीव सिंह उर्फ मिंटू. खिलेंद्र सिंह, अजय गिल, सतेंद्र सिंह, चंद्रपाल सिंह, हेमराज सिंह, भूरे सिंह ने आंदोलन की तैयारी में सक्रियता दिखाई। ऐंचरा में लाखन सिंह ने अध्यक्षता की। संचालन अरविंद सिंह ने किया। सिंहपुरसानी में अध्यक्षता धूम सिंह ने की। संचालन खिलेंद्र सिंह ने किया। सिरसानल में अध्यक्षता चंद्रपाल सिंह ने की। संचालन केशवदेव शर्मा ने किया।