संभल। कर्तव्य पालन के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए संभल जिले के गांव चितौरा निवासी आईटीबीपी के जवान प्रदीप कुमार यादव की शहादत पर उनके गांव का हर कोई दुखी नजर आया। परिजनों को सात्वंना देने के लिए गांव लोगों का दिन भर तांता रहा पर कोई भी जनप्रतिनिधि शहीद के घर नहीं पहुंचे। शहीद के बड़े भाई और सीआरपीएफ के जवान ने इस स्थिति पर अफसोस जाहिर किया है।
चितौरा निवासी नंदराम सिंह के बेटे प्रदीप कुमार यादव (35) अरुणाचल प्रदेश में चीन की सीमा चिमंगाथन चौकी पर तैनात थे और अपनी ड्यूटी के दौरान 14 मई की सुबह पाइप लाइन बिछा रहे थे। इसी दौरान खाई में गिरने से गंभीर रूप से घायल हुए और उपचार के दौरान उनकी जान चली गई। परिजनों के पास शुक्रवार को दिन में करीब 11 बजे उनकी शहादत की जानकारी मिली थी तभी से पूरा गांव में शोक में डूबा है। रिश्तेदार और परिचित घर में पहुंचकर दुखी परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं। प्रदीप कुमार यादव के बड़े भाई प्रमोद कुमार ने कहा कि उनके भाई ने देश के लिए शहादत दी है। मुख्यमंत्री ने भी दुख व्यक्त किया है और भाई की वीरता को नमन किया है लेकिन जिले या मंडल का कोई एक जनप्रतिनिधि भी अब तक उनके यहां सांत्वना देने नहीं आया है। उन्होंने बताया कि वह अरुणाचल प्रदेश में स्थित आईटीबीपी बटालियन के संपर्क में हैं। प्रदीप का शव दिल्ली से शनिवार को देर तक चंदौसी आने की उम्मीद है। स्थानीय पुलिस ने जानकारी दी है कि रविवार को सुबह शव गांव में लाया जाएगा। इस बीच रिश्तेदार और गांव के लोग एकत्र हैं जो बेहद दुखी हैं।
प्रदीप कुमार यादव के दो भाई और दे रहे हैं देश के लिए सुरक्षा सेवाएं
प्रदीप कुमार यादव के पिता नंदराम तो किसान हैं। नंदराम के चार बेटों में प्रमोद सबसे बड़े बेटे हैं। सीआरपीएफ में हैं। दूसरे नंबर पर पवन कुमार हैं, जो कृषि विभाग में है। प्रदीप कुमार यादव तीसरे नंबर के थे। सबसे छोटे अमित कुमार आर्मी में हैं। इस तरह से तीन बेटे देश के लिए सुरक्षा सेवाएं दे रहे हैं।
पत्नी को 35 लाख और माता-पिता 15 लाख की आर्थिक मदद मिलेगी-जिलाधिकारी
संभल। जिलाधिकारी संजीव रंजन ने प्रदीप कुमार यादव की शहादत पर दुख व्यक्त किया। साथ ही जानकारी दी है कि राज्य सरकार की ओर से 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी. इसमें 35 लाख रुपये पत्नी और 15 लाख रुपये माता पिता को मिलेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने वीरगति को प्राप्त हुए आईटीबीबी के जवान की वीरता को नमन किया है। हर संभव मदद का एलान किया है। शहीद के परिवार में एक सदस्य को राज्य सरकार की ओर से एक सरकारी नौकरी मिलेगी। जनपद की एक सड़क का नामकरण शहीद के नाम पर किया जाएगा।
--आईटीबीपी के जवान का फाइल फोटो लेने का कष्ट करें--