संभल। हर व्यक्ति अपने धर्म का पालन करता है तो वह उसी के कानून का भी पालन करेगा। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड एक बोर्ड नहीं है, बल्कि शरीयत के कानूनों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह बात संभल के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कही है।
मंगलवार को दीपा सराय स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए यूसीसी पर प्रतिक्रिया दी। कहा कि किसी धर्म विशेष पर दूसरे धर्म की चीजों को जबरदस्ती थोपना उचित नहीं है। सांसद ने कहा कि सरकार मुसलमानों पर किसी विशेष विचारधारा को थोपने का प्रयास कर रही है जो गलत है। कहा कि सभी धर्मों के लिए अन्य कानून समान हैं तो धार्मिक कानूनों को एक समान करने की आवश्यकता क्या है। धार्मिक कानूनों को एक समान करना मौलिक अधिकारों का हनन है। सांसद ने कहा कि सरकार अपनी हठधर्मिता छोड़े और देश के सभी नागरिकों को उनकी धार्मिक स्वतंत्रता के साथ जीने का अधिकार बनाए रखने दें।