ऐंचोड़ा कंबोह में कल्किधाम पर कार्यक्रम को संबोधित करतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल। संवाद
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संभल। प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बुधवार को ऐंचोड़ा कंबोह स्थित श्री कल्कि धाम के स्थापना दिवस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए शिक्षा को बढ़ावा देने और दहेज प्रथा को खत्म करना जरूरी है। इसके अलावा कल्कि धाम के निर्माण केे लिए दान करने की अपील की।
बुधवार की सुबह करीब 11 बजे राज्यपाल हेलीकॉप्टर से ऐंचोड़ा कंबोह स्थित श्री कल्कि धाम पहुंचीं। पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने उनका स्वागत किया। राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि कलियुग में कल्कि भगवान का अवतरण होगा। इसलिए श्री कल्कि धाम का निर्माण भव्य होना चाहिए। कहा कि लोगों को दानकर मंदिर निर्माण में सहयोग करना चाहिए। राज्यपाल ने खुद भी निर्माण में सहयोग के लिए की घोषणा की।
उन्होंने गुजरात में पटेल समाज का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य जरूरी कार्य करने में पटेल समाज आगे रहता है। सरकार से मदद लेने की जरूरत नहीं पड़ती है। सूरत के आदिवासी क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वह शिक्षामंत्री थीं तो सूरत के हीरा कारोबारियों से आदिवासी क्षेत्र में विकास कराने के लिए आह्वान किया था। तब से अभी तक हीरा कारोबारी ही वहां देखभाल करते हैं।
राज्यपाल ने महिलाओं की दहेज के लिए हत्याओं पर चिंता जताते हुए इस प्रथा को खत्म करने का आह्वान किया। कहा कि महिलाओं ने वर्तमान में खुद को मजबूत किया है। महिलाएं सभी क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। देश की सीमा की सुरक्षा में भी महिलाएं बढ़ी हैं। कार्यक्रम में डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई भी मौजूद रहे।