संभल। हयात नगर थाना क्षेत्र के एक गांव में दस दिसंबर को आठ वर्षीय मासूम बालक का शव टुकड़ों में पड़ा मिला था। जिसकी कुकर्म के बाद हत्या की गई थी। हत्या के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को जेल भेज दिया था। जबकि अन्य साथियों की तलाश किए जाने का दावा किया था।
घटना के बाद पीड़ित परिवार से मुलाकात के लिए बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष पहुंचे थे। उन्होंने जिला प्रशासन से घटना की मजिस्ट्रीयल जांच और पीड़ित परिवार की मदद किए जाने का आग्रह किया था। उसी क्रम में जिलाधिकारी ने संभल उप जिलाधिकारी को मजिस्ट्रीयल जांच का अधिकारी बनाया है। अब मासूम के साथ हुई घटना की मजिस्ट्रीयल जांच शुरू हो गई है। साथ ही आर्थिक सहायता, सुरक्षा भी प्रशासन की ओर से की जाएगी।
इसके लिए उन्होंने घटना से जुड़ी जानकारी देने वालों को आमंत्रित किया है। इसके लिए दस दिनों का समय है। उप जिलाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने मासूम की हत्या मामले में मजिस्ट्रीयल जांच का आग्रह किया था।
साथ ही पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, सुरक्षा, चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए भी कहा था। जिसके लिए जिलाधिकारी ने संतुति कर दी है। अब पूरे मामले की हकीकत जानने के लिए जांच होगी। उन्होंने बताया कि मासूम की हत्या मामले में कोई भी व्यक्ति लिखित व मौखिक साक्ष्य देना चाहता तो वह 8 जनवरी तक किसी भी कार्य दिवस में आ सकता है।