संभल। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ नर्स द्वारा प्रसव के दौरान हालत बिगड़ने के बाद जच्चा-बच्चा की मौत मामले में परिजनों के वसूली और गलत इंजेक्शन लगाने के आरोप को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। सीएचसी प्रभारी का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होगी।
हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के गांव बराही निवासी गुलशन जहां (28) पत्नी मतीन अहमद को बुधवार को सीएचसी में भर्ती कराया गया था। प्रसव प्रक्रिया के दौरान हालत बिगड़ने पर परिजन महिला को निजी अस्पताल ले गए तो वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया था। जच्चा-बच्चा की मौत पर भड़के परिजनों ने सीएचसी आकर हंगामा किया था।
मतीन अहमद ने 3500 रुपये लेने और गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया था। सपा जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी भी अस्पताल पहुंचे थे। आरोप को लेकर जांच शुरू हो गई है। सीएचसी प्रभारी डॉ.मनीष अरोड़ा ने बताया कि जांच को लेकर महिला के परिजनों और स्टाफ नर्स के बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच दो से तीन दिनों में पूरी कर ली जाएगी। तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।